अब ग्राम प्रधान पंचायतों को भी जीएसटी और टैन जरूरी होगा

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Business News/व्यापार के समाचार 

नई दिल्ली। अब ग्राम प्रधान पंचायतों को भी जीएसटी और टैन आधारित यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर लेना अनिवार्य रहेगा क्योंकि जल्द लागू होने जा रहे पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएमएमएस) से भुगतान में इनकी आवश्यता पड़ेगी साथ ही इसके बिना प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी और प्रधान एवं सचिव कोई भुगतान नहीं कर पाएंगे यह व्यवस्था विकास कार्यों के नाम पर होने वाली कर वंचना रोकने व पारदर्शिता के लिए की गई है। 

क्या है अहम यह कदम

लोकसभा चुनाव के बाद ग्राम पंचायतों के ऑनलाइन कामकाज और भुगतान व्यवस्था में इस की अनिवार्यता की जाएगी बिना टैन और जीएसटी नंबर के ग्राम पंचायत निधि से भुगतान नहीं होगा ढ़ाई लाख रूपए से अधिक की खरीदारी करने पर एक एक फीसदी की दर से स्टेट और सेंट्रल जीएसटी कटेगी। 

इसमें एक और अहम बात यह है कि सप्लायर के बाहर का है तो 2 फ़ीसदी टैक्स देना होगा साथ ही हर साल टीडीएस भी कटेगा ग्राम पंचायतों में जीएसटी अनिवार्यता 1 अक्टूबर 2018 से लागू होनी थी लेकिन कुछ जनपदों को छोड़ बाकी जगह प्रभावी नहीं हो पाया क्योंकि जल्द ही भुगतान की व्यवस्था शुरू होनी है ऐसे में पंचायती राज विभाग के लिए तय होगी इसे लागू करें इसके लिए पंचायती राज विभाग के बाध्यता रहेगी।   

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