चेक बाउंस हुआ तो हो सकती है दो साल की जेल

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Business News / व्यापर समाचार

नई दिल्ली। एक सितंबर 2018 से देशभर में चेक बाउंस के सख्त कानून लागू हो जाएंगे। इसके लिए वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी है। अब अगर चेक बाउंस का मामला दायर होता है तो याचिकाकर्ता को आरोपित चेक की रकम का बीस फीसदी हिस्सा देना होगा। यह राशि कोर्ट में जमा होगी। वहीं निचली कार्ट में हारने पर अपील होने के बाद उपरी कोर्ट में फिर से आरोपित को बीस फीसदी राशि जमा करनी होगी। अगर चेक बाउंस का मामला गलत पाया गया तो याचिकाकर्ता राशि लौटाने के साथ ब्याज भी देगा।

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अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने और व्यापार-करोबार में भरोसा कायम करने के लिए चेक बाउंस के कानून सख्त किए गए है। इस कानून में दो नई धाराएं जोड़ी गई है। इससे चेक की विश्वसनीयता और साख बढ़ेगी। 

जुलाई में 'द निगोसिएशन इंस्ट्रूमेंट्स (संशोधन) विधेयक 2018' को राज्यसभा में पारित कर दिया था। लोकसभा में यह विधेयक पहले ही पारित कर चुकी है। विधेयक के तहत चेक बाउंस के मामले में पाये जाने वाले दोषी को दो साल तक सजा हो सकती है। विधेयक में आरोपित को राशि का 20 फीसदी हिस्सा अदालत में अंतरिम मुआवजे के तौर पर जमा करना होगा।

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जानिए चेक भरते वक्त किन बातों का ध्यान रखना है-

  • चेक पर तारीख का विशेष ध्यान रखें। 
  • बैंक में लेनदेन करते वक्त ध्यानपूर्वक हस्ताक्षर करें।
  • चेक पर वही हस्ताक्षर करे जैसे आपने खाता खुलवाते समय दर्ज किया था अन्यथा आपका चेक रोका जा सकता है।
  • चेक के पीछे अपना खाता संख्या और मोबाइल नंबर अवश्य लिखें।
  • अगर बैंक अधिकारी को आपके चेक में कोई कंफयूजन या दिक्कत हो तो वो आपसे फोन कर उसके बारे में जानकारी ले सके।
  • किसी व्यक्ति या संस्था के नाम पर पेई चेक काटते है तो चेक के उपर बाईं ओर दो लाईनें अवश्य खींचे। 
  • ये दो लाईने यह प्रमाण होती है कि चेक पर लिखी राशि को चेक वाहक को नकद न देकर खाते में ट्रांसफर करनी है।

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