फरवरी में औद्योगिक उत्पादन दर गिरकर पहुंची शून्य के करीब 

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नई दिल्ली। जहां ओर देश में लोकसभा के चुनाव चल रहें हैं, राजनीतिक पार्टियां जनता को अपने पाले में वोट डालने के लिए तरह तरह की जुगत और लोक लुभावने वादें जनता के साथ कर रहीं हैं तो वहीं दूसरी ओर औद्योगिक उत्पादन के मोर्चे पर मोदी सरकार को बड़ा झटका लगा है। बता दें कि फरवरी में औद्योगिक उत्पादन दर 1.4 फीसदी फीसदी से गिरकर 0.1 फीसदी पर पहुंच चुकी है, यह 20 महीने में सबसे कम है। वहीं एक्सपर्ट्सों के अनुसार, देश में महंगाई दर 2.57 फीसदी से बढ़कर 2.86 फीसदी पर पहुंच गई है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स ? 

जानकार एक्सपर्ट्सों का मनाना है कि कई सेक्टर्स में उत्पादन घटने से औद्योगिक उत्पादन में काफी गिरावट आई है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) का किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में खास महत्व होता है। इससे मालूम पड़ता है कि उस देश की अर्थव्यवस्था में औद्योगिक वृद्धि किस गति से हो रही है।

आईआईपी के अनुमान के लिए पंद्रह एजेंसियों से आंकड़े जुटाए जाते हैं, जिसमें डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन, इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस, सेंट्रल स्टेटिस्टिकल आर्गेनाइजेशन और सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी शामिल होती हैं। 

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