ई-कॉमर्स कंपनियों पर सरकार का शिकंजा कसा

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सरकार ने विदेशी निवेश जुटाने वाली ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नियम सख्त कर दिए हैं।

यह बदलाव फरवरी 2019 से प्रभावी होंगे।

नई दिल्ली। नए नियम के तहत फ्लिपकार्ट (Flipkart) और अमेजन (Amazon) पर ऐसी कंपनियों के प्रोडक्ट बेचने पर रोक लगा दी है, जिनमें वे हिस्सेदारी रखती हैं। इसके साथ ही एक्सक्लूजिव मार्केटिंग अरैंजमेंट पर प्रतिबंध लग गया है, जिससे प्रोडक्ट की कीमतें प्रभावित हो सकती हों।

कॉमर्स मिनिस्ट्री ने ऑनलाइन रिटेल में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) पर जारी रिवाइज्ड पॉलिसी में कहा कि इन कंपनियों को अब बिना किसी भेदभाव के अपने सभी वेंडर्स को समान सेवाएं या सुविधाएं देनी होंगी 'इस कदम से ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा कीमतों को प्रभावित करने के उनके हथकंडों पर रोक लग जाएगी। इससे ई-कॉमर्स कंपनियों में एफडीआई गाइडलाइंस को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।' 

कॉमर्स मिनिस्ट्री ने कहा कि यह बदलाव फरवरी 2019 से प्रभावी होंगे। मिनिस्ट्री ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं को भारी छूट दिए जाने के खिलाफ घरेलू कारोबारियों की आपत्तियों के मद्देनजर यह निर्णय लिए गए हैं।

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