जीएसटी से अब मिलेगी आम आदमी को राहत, जानिए क्या मिली सुविधायें

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नई दिल्ली। सरकार लगातार कैशलेस लेन देन को बढ़ावा देने का लगातार प्रयास कर रहीं है, इसके लिए वह आम आदमी को कई जगहों पर छूट भी दे रही है। अब सरकार इस छूट को और आगे बढ़ा सकती है। सरकार सामान पर लगने वाले जीएसटी में कैशलेस लेनदेन में राहत दे सकती है। इस तरह सामान काफी सस्ता हो जाएगा जो आम आदमी के पहुंच में होगा। मंत्रियों की कमेटी द्वारा 10 नवबंर को होने वाले जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर विचार किया जाएगा।

 

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1.5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर पर कंपोजिशन स्कीम लागू करने की मंत्रियो ने सिफारिश की है। अभी 1 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले ही कंपोजिशन स्कीम में आते हैं। साथ ही कंपोजिशन स्कीम के तहत सबके लिए 1 फीसदी टैक्स रखने की सिफारिश की है। अभी ट्रेडर पर 1 फीसदी, मैन्युफैक्चरर पर 2 फीसदी और रेस्टोरेंट पर 5 फीसदी टैक्स लागू होता है।

 

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इसके अलावा जीएसटी में आने वाले टर्नओवर से बाहर वाले सामान पर 0.5 फीसदी टैक्स और सिर्फ जीएसटी सामान को शामिल करने में 1 फीसदी टैक्स लगाने की सिफारिश की गई है। कंपोजिशन स्कीम में भी दूसरे राज्य में कारोबार की छूट दिए जाने की सिफारिश की गई है। इसमें जॉब वर्क को भी कंपोजिशन स्कीम में शामिल किया जायेगा जाने, वहीं एसी और नॉन एसी सभी रेस्टोरेंट पर 12 फीसदी टैक्स लगाने की सिफारिश की गई है। छोटे और बड़े सभी कारोबारियों को तिमाही रिटर्न की छूट दिए जाने की सिफारिश मंत्रियो ने है।


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जीएसटी को लेकर इनवॉइस मैचिंग, ट्रांजिशन क्रेडिट क्लेम और इनवॉइस अपलोड करने में दिक्कत आती है। साथ ही फाइनल रिटर्न दाखिल करने में दिक्कत आती है। रिटर्न अपलोड करने में दिक्कत होती है। फाइल अपलोड के बाद कई घंटों में प्रोसेसिंग में लगते है। जीएसटीएन पोर्टल स्लो काम करता है।

 

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जीएसटी को लेकर कारोबारियों की बताया है कि जीएसटी में टैक्स पर पूरी सफाई नहीं है। कई सामानों के टैक्स पर कंफ्यूजन अब भी बना हुआ है। एक कैटेगरी के सामान पर अलग-अलग टैक्स लगाया गया है। कई कारोबारियों को कंप्यूटर चलाना नहीं आता जिससे रिटर्न भरने के लिए अकाउंटेंट चाहिए और इससे कारोबारियों की लागत बढ़ रही है। जीएसटी का सिस्टम समझ नहीं आ रहा है। जिसे देखते हुए सरकार जीएसटी पर बड़े ऐलान कर सकती है।

 

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बता दें कि जुलाई में जीएसटी से सरकार को 94,063 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ है जबकि अगस्त 90,669 करोड़ रुपये और सितंबर में 92,150 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ है।

 

 

 

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