बेरोजगारी सर्वाधिक तो अर्थव्यवस्था में वृद्धि कैसे : पूर्व वित्त मंत्री

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नई दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने जीडीपी के आंकड़ों पर संदेह जाहिर करते हुए इस बात पर आश्चर्य जताया कि जब बेरोजगारी की दर 45 साल में सर्वाधिक है, तब अर्थव्यवस्था की वृद्धि सात फीसदी कैसे हो रही है? 

केंद्र पर कटाक्ष करते हुए पूर्व वित्त मंत्री ने दावा किया कि जब सरकार ने जीडीपी के आंकड़ों की समीक्षा की तो उसे यह अहसास नहीं हुआ था कि बेरोजगारी के आंकड़ों की भी समीक्षा होती है। अंतरिम बजट से पहले चिदंबरम ने यह टिप्पणियां की।

सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा था कि उसने श्रम बल पर सर्वे को अंतिम रूप नहीं दिया है जो, खबरों के अनुसार यह बताता है कि देश में बेरोजगारी की दर 2017-18 में 6.1 रही जो 45 साल में सर्वाधिक है।

चिदंबरम ने ट्विटर पर कहा, 'नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने पूछा ‘रोजगार के बिना, कोई देश औसत सात फीसदी की दर से कैसे वृद्धि कर सकता है?’ यही सवाल हमारा भी है। जब 45 साल में बेरोजगारी सर्वाधिक है, तो हम इस बात पर कैसे भरोसा कर लें कि अर्थव्यवस्था सात फीसदी की दर से वृद्धि कर रही है।'

उन्होंने ट्वीट किया, 'मोदी सरकार ने जीडीपी की वृद्धि के आंकड़ों की समीक्षा की। सरकार को यह अहसास ही नहीं हुआ कि बेरोजगारी के आंकड़ों की भी समीक्षा की जाती है।' 

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