नई ई-कॉमर्स पॉलिसी का असर, मुश्किल में अमेजन -फ्लिपकार्ट

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नई दिल्ली। नई ई-कॉमर्स पॉलिसी का असर दिखने लगा है। फ्लिपकार्ट और अमेजन ने अपने ऑनलाइन स्टोर्स से कई प्रोडक्ट्स हटाए। नई पॉलिसी में ऑनलाइन कंपनियों उन प्रो़डक्ट्स को नहीं बेच सकती जिनमें उनका खुद का निवेश हो। 

भारत में नई ई-कॉमर्स नीति के प्रभावी होने से फिल्‍पकार्ट, अमेजन और वालमार्ट का कारोबार ठप होने की आशंका है। इस बीच अमेरिका की ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने कहा है कि उसे भारतीय बाजार में दीर्घावधि में काफी अच्छी संभावनाएं नजर आ रही हैं, लेकिन वह आनलाइन मार्केट प्लेस के लिए हालिया प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में बदलाव का आकलन कर रही है। 

कंपनी ने कहा कि उसके प्लेटफार्म पर ग्राहकों और विक्रेताओं को कोई असुविधा न हो, इसलिए वह ऐसा कदम उठा रही है। अमेजन ने भारत में 5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। कंपनी ने कहा कि उसने अपने कारोबार का निर्माण मूल्य चयन और सुविधा के इर्दगिर्द किया है।

नए नियम 1 फरवरी से प्रभाव में आए हैं। इनके तहत विदेशी निवेश वाली ई-कॉमर्स कंपनियों पर उन विक्रेताओं के उत्पादों की बिक्री की रोक है जिनमें उनकी हिस्सेदारी है। इसके अलावा विशिष्ट विपणन करार पर भी रोक होगी। क्लाउडटेल और अपारियो के उत्पाद अमेजन। इनके प्लेटफार्म से हटा लिए गए हैं क्योंकि इनमें अमेजन का इक्विटी निवेश है।

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