पीपीआरसी का दावा, मोदी सरकार ने हर साल दीं 1.5 करोड़ नौकरियां

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नई दिल्ली। देश में नौकरियां कम होने को लेकर विपक्ष जहां केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। आए दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत देश के कई विपक्षी नेता प्रधानमंत्री मोदी पर रोजगार को लेकर हमले किया करते हैं तो वहीं लोक नीति शोध केंद्र पीपीआरसी ने दावा किया है कि मौजूदा मोदी  सरकार प्रति वर्ष 1.5 करोड़ से अधिक नौकरियां सृजित करने में सफल रही है।

पीपीआरसी ने वर्ष 2014 में बीजेपी के घोषणापत्र के आधार पर दो क्षेत्रों में आकलन किया है।

एक कार्यक्रम में केंद्र के निदेशक सुमित भसीन ने रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा (इएसआइसी), कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (इपीएफओ), राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) व अटल पेंशन योजना जैसे स्रोतों से मिले आंकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है।  

आर्थिक क्षेत्र के आकलन में भ्रष्टाचार व काले धन के खिलाफ सरकार ई-बाजार (जीइएम), नोटबंदी व इन्सोल्वेंसी कोड प्रभावी रहे। वहीं, दूसरी रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून), युद्ध स्मारक, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन व कुंभ को संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने वाले कारकों में गिना गया। इस मौके पर देश के मिशन शक्ति पर मोनोग्राफ भी जारी किया गया। पीपीआरसी ने वर्ष 2014 में भाजपा के घोषणापत्र के आधार पर दो क्षेत्रों में आकलन किया है।  

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