फिर अधर में बेनामी अधिनियम के तहत अभियोजन का मामला

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नई दिल्ली। बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम के तहत दाखिल किए गए लगभग 100 स्थायी मामलों में वांधित अभियुक्तों के अभियोजन का मामला लटक गया है क्योंकि इस उद्देश्य के लिए अधिनियम में प्रावधानित देश भर में विशेष अदालतों की स्थापना अभी तक नहीं की जा सकी है।

 

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इस कानून के तहत 5 हजार करोड़ रुपए से अधिक की बेनामी परिसंपत्तियों को आयकर विभाग द्वारा कुर्क किया गया है। अधिनियम में यह प्रावधान किया गया है कि संबंधित उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से केंद्र सरकार अधिसूचना के माध्यम से विशेष अदालतों की स्थापना करेगी।

 

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ऐसी अदालतों का गठन यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाना चाहिए कि ऐसे मामलों का विचारण यथासंभव शीघ्रता से किया जा सके। अधिनियम में कहा गया है कि शिकायत दर्ज करने की तारीख से छह महीने के भीतर ऐसे मामलों का विचारण समाप्त करने के लिए विशेष अदालतों द्वारा हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

 

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आवश्यक विशेष अदालतों को अभी तक स्थापित नहीं किया गया है। इसलिए विभिन्न राज्यों में आई-टी विभाग द्वारा लगभग 100 मामलों की जांच पूरी करने तथा निर्णयन प्राधिकारी द्वारा संपत्तियों को कुर्क किए जाने की पुष्टि के बावजूद आरोपियों के विरुद्ध विचारण शुरु नहीं हुआ है।

 

 

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