अरुण जेटली ने 'आधार' को बताया गेम चेंजर, UPA सरकार पर साधा निशाना

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नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आधार को लेकर यूपीए सरकार पर जमकर निशाना साधा। अरुण जेटली ने कहा कि यूपीए खुद आधार पर थी विभाजित और तत्कालीन प्रधानमंत्री दुविधा में थे। एनडीए ने यूपीए के वक्त के आधार कानून को पूरी तरह जांच परखकर इसमें प्रभावी बदलाव किये और गरीबों को सब्सिडी देने के लिए इस्तेमाल किया।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आधार पर एक ब्लॉग लिख इस मामले में पूर्व की यूपीए सरकार पर निशाना साधा है। वित्त मंत्री ने कहा कि आधार गेम चेंजर है और यूपीए में विरोधाभासों के कारण इसे पूरे मन से लागू नहीं किया गया। इस पर श्रेय लेने के बजाए कांग्रेस के वकीलों ने अदालत में इसके खिलाफ खड़ा होकर खुद को तकनीक विरोधी और आधार विरोधी चेहरे के रूप में पेश किया।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आधार के फायदों को गिनाते हुए कहा कि पिछले 28 महीनों के दौरान 122 करोड़ आधार नंबर जारी किए गए और 99 प्रतिशत वयस्क जनसंख्या इसके दायरे में आ गई। उन्होंने कहा कि 58.24 करोड़ राशन कार्ड को आधार से जोड़ा गया। 10.33 करोड़ मनरेगा कार्ड धारकों को डीबीटी के जरिए सीधे खाते में भुगतान किया गया। 

सरकार का अनुमान है कि मार्च 2018 तक सरकार ने आधार के इस्तेमाल से 90,000 करोड़ रुपए बचाए। ज्यादातर योजनाओं में लाभार्थियों को सीधे खाते में पैसे हस्तांतरित किए जा रहे हैं। पिछले साल 15 दिसंबर तक 63.52 करोड़ बैंक अकाउंट आधार से जोड़े गए। 

आधार के जरिए 425 करोड़ रुपए की कुल सब्सिडी का लेन-देन हुआ। आधार के जरिए हस्तांतरित की जाने वाली कुल सब्सिडी की राशि 1 लाख 69, 868 करोड़ रुपए के बराबर हो गई है। उन्होंने कहा है कि आधार के जरिए जो पैसा बचाया गया वह गरीबों के काम आएगा।

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