उपभोक्ताओ को बिना आधार बंट रहा है राशन

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Business News/व्यापार के समाचार 

नई दिल्ली। फर्जी राशन कार्ड समाप्त करने की राज्य सरकार की प्राथमिकता पूरी करने में जूझ रहे खाद्य एवं रसद विभाग की गाड़ी 85 फ़ीसदी सत्यापन पर अटक गई है खाद्य एवं रसद विभाग चाहता है कि खाद्यान्न हासिल करने वाले सभी परिवार और परिवार के हर सदस्य का आधार नंबर उसके पास हो लेकिन सत्यापन का आंकड़ा आगे नहीं बढ़ पा रहा है। 

सरकारी राशन लेने वाले प्रदेश के कम से कम ढाई करोड़ लोग अब भी विभाग के सत्यापन वाले रडार से बाहर हैं। प्रदेश में 3 करोड़ से अधिक प्रचलित राशन कार्डों से कुल 13.49 करोड़ नागरिक जुड़े  है।

खाद रसद विभाग का लक्ष्य राशन कार्डों से जुड़े परिवारों के प्रत्येक सदस्य की आधार संख्या का वैलिडेशन कराने का है खाद आयुक्त आलोक कुमार का मानना है कि 13.49 करोड़ में 12.88 करोड़ उपभोक्ताओं के आधार संख्या फीड तो कर दी गई है लेकिन वैलिडेशन इसमें से केवल 10.94 करोड़ लोगों की ही हो सकी है। 

ढाई करोड़ से अधिक लोगों का सत्यापन अभी नहीं हो सका है। इन उपभोक्ताओं को हर बनी राशन जा रहा है और विभाग इन उपभोक्ताओं की सत्यता की पुष्टि भी नहीं कर पा रहा है।

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