बर्खास्त पुलिस कर्मियों ने फिल्मी अंदाज में किया कोर्ट में सरेंडर

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अपराध के समाचार/crime news

लखनऊ। राजधानी बाहुचर्चित श्रवण साहू हत्याकाण्ड में साजिश रचने में शामिल रहे बर्खास्त दो सिपाहियों ने सोमवार को फिल्मी अंदाज में कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इन दोनो सिपाहियों पर आरोप था कि इन्ही दोनो ने बेगुनाहों को यातनाएं देकर निर्दोष श्रवण साहू को फर्जी मामले में फंसाने का काम किया था। दोनो को जांच में दोषी पाये जाने के बाद तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी ने दोनो सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया था और दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

सोमवार को दोनो सिपाहियों ने तलाश कर रही पुलिस से बचने के लिए बुरका पहन कर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बरर्खास्त सिपाही धीरेन्द्र यादव व अनिल सिंह अपने वकील के साथ सुबह बुरका पहन कर कोर्ट पंहुचे और गुपचुप तरीके से आत्मसमर्पण कर जेल चले गये और पुलिस हाथ मलती रह गयी। बता दें कि बर्खास्त होने के बाद से ये दोनो सिपाही फरार चल रहे थे और पुलिस इनकी तलाश कर रही थी।

ऐसा माना जा रहा है कि पुलिस दोनो बर्खास्त सिपाहियों को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में दरखास्त दे सकती है। बता दें कि श्रवण साहू को फंसाने की साजिश रचने में एक दरोगा भी शामिल था उसे भी तत्कालीन एसएसपी ने सेवा से बर्खास्त किया था। बर्खास्त पुलिस कर्मियों के ऊपर मुकदमा दर्ज होने के बाद से वे सभी फरार हो गये थे।

एसएसपी ने फरार बर्खास्त पुलिसकर्मियों के ऊपर 15 हजार का ईनाम भी रखा था। काफी समय तक आरोपियों की गिरफ्तारी ना होने के बाद एसएसपी की सख्ती पर फरार बर्खास्त दरोगा धीरेन्द्र शुक्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था पर दोनो सिपाहियों की गिरफ्तारी की जानी बाकी थी।

कोर्ट के बाहर तैनात पुलिस कर्मी उस वक्त नाकाम साबित हो गये जब बुरका पहन कर दोनो आरोपी बर्खास्त सिपाहियों ने फिल्मी अंदाज में कोर्ट में सरेंडर कर दिया और उन्हे जेल भेज दिया गया। दोनो बर्खास्त सिपाही करीब तीन साल से फरार चल रहे थे। बर्खास्त पुलिस कर्मियों पर आरोप था कि इन्होने घटना के मास्टर माइंड कुख्यात अपराधी अकील अंसारी के साथ मिलकर बेगुनाहों को टार्चर कर श्रवण को फर्जी मामले में फंसाया था।

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