ब्लू व्हेल चैलेंज के बाद अब मोमो चैलेंज गेम की भारत में दस्‍‍‍‍तक, बच्ची ने लगाई फांसी

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लखनऊ। आत्महत्या के लिए उकसाने वाले ब्लू व्हेल गेम के बाद अब एक नया गेम मोमो WhatsApp Challenge भी जानलेवा बन रहा है। इस खतरनाक गेम से भारत में पहली मौत की खबर राजस्थान के अजमेर से सामने आई है। यहां मोमो गेम के चक्कर में 10वीं कक्षा की छात्रा ने खुदकुशी कर ली।

 

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जानकारी के मुताबिक छात्रा ने अपने जन्मदिन के तीन दिन बाद पहले हाथ की नस काटी और फिर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा छवि के कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने लिखा था कि वह अपने जन्मदिन पर ही मर जाना चाहती थी। छात्रा के मोबाइल में ब्राउजर में मिली हिस्ट्री में मोमो चैलेंज गेम के नियम और उसके शरीर पर बने निशानों से ऐसी आशंका जताई जा रही है।

आपको बता दें, जिस तरह ब्लू व्हेल गेम में बच्चों को कई सारे चैलेंज पूरे करते हुए आखिर में खुद की जान लेने का चैलेंज मिलता था, उसी तरह मोमो चैलेंज में भी आखिरी टास्क खुद की जान लेने का है।

 

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क्या है मोमो चैलेंज

दरअसल, यह एक जानलेवा खेल है जो वाट्सऐप पर आधारित है। ब्लू व्हेल चैलेंज की तरह इसमें भी बच्चों को खरतनाक टास्क मिलते हैं। वाट्सऐप पर लोगों के पास विदेश के एक नंबर से मैसेज आता है। वाट्सऐप कॉन्टेक्ट में नंबर सेव करने पर खतरनाक तस्वीर वाली प्रोफाइल नजर आती है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो मोमो की प्रोफाइल लोगों को पहले फेसबुक पर दिखी। प्रोफाइल तस्वीर में लगा चेहरा जापान में 2016 के संग्रहालय में प्रदर्शित एक मूर्ती से मिलता हुआ दिखाई देता है।

लोगों को चैलेंज मनवाने वाला और लोगों के बीच खौफ पैदा करने वाला यह खेल कॉन्सिपिरेसी थ्योरी पर आधारित है। यह खतरनाक खेल सोशल मीडिया के जरिए काफी तेजी से वायरल हो रहा है और दुनिया के कई हिस्सों के लोगों में इस गेम के कारण दहशत का माहौल है।

 

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इस खतरनाक गेम से बच्चों को बचाने के लिए ऐसा करें

इस खतरनाक गेम के जाल में बच्चे आसानी से फंस जाते हैं और इस वजह से यह गेम बच्चों के बीच तेजी से फैल रहा है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। माता-पिता कुछ सावधानियां बरत कर इस खतरनाक खेल से अपने बच्चों को फंसने से बचा सकते हैं।

- सोशल मीडिया अकाउंट पर अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। वह क्या लिख रहे हैं, किस तरह के पोस्ट शेयर कर रहे हैं। इसे नियमित रूप से चेक करें।

- इस बात का खास ध्यान रखें कि आपके और आपके बच्चे के फोन की कॉन्टेक्ट लिस्ट में परिचित लोगों के ही नबंर हो और फोन को सुरक्षित रखने के लिए उसमें लॉक की सुविधा भी रखें।

- अपने मोबाइल फोन को एंटीवायरस के जरिए सुरक्षित रखें। इससे संदिग्ध लिंक को ओपन करने से पॉप अप आ जाएगा। एंटी वायरस प्रोटेक्शन से फेसबुक, मेसेंजर और वाट्सऐप भी सुरक्षित रहेंगे।

- अगर आपको बच्चों के व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखे तो उनका विशेष ध्यान रखें।

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