लड़की नहा रही थी,पुलिस जबरन घुसी बाथरूम में

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गाजियाबाद। यूपी पुलिस के मुखिया अपने मातहतों को लाख सुधारने का प्रयास कर ले लेकिन उनके मातहत उनकी किरकिरी कराने में लगे है। ऐसा ही एक मामला नोएडा से सामने आया है जहाँ  पुलिस ने छापेमारी के दौरान साहिबाबाद इलाके की शालीमार गार्डन कॉलोनी के एक घर पर न सिर्फ महिलाओं से दुर्व्यवहार किया बल्कि घर में मौजूद बंद बाथरूम के दरवाजे को उस वक्त लात मारकर तोड़ दिया जब बाथरूम के अंदर एक लड़की स्नान कर रही थी।

 

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आरोप है कि लड़की ने अंदर से नहाते वक्त आवाज लगाकर बताया कि वह अंदर नहा रही है, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसकी एक न सुनी और दरवाजा तोड़ डाला। लड़की उस वक्त निर्वस्त्र थी। उस दौरान लड़की के परिजनों द्वारा बाथरूम का दरवाजा तोड़ने का विरोध किया गया तो पुलिस कर्मियों द्वारा लड़की की मां के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। पीड़ितों का आरोप है कि इस घटना को अंजाम देने वाली नोएडा की ईकोटेक थर्ड थाने की पुलिस थी। पीड़ित परिवार द्वारा पुलिस के आला अधिकारियों को सभी पुलिसकर्मियों की शिकायत भेजी गई है।

 

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बताते चलें कि ग्रेटर नोएडा थाना इकोटेक थर्ड पुलिस पर एक दलित परिवार द्वारा गम्भीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि पुलिस द्वारा घर मे महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई है। नहाती लड़की के बाथरूम का लात मारकर दरवाजा खोला जो कि निवस्त्र थी।

 

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पीड़ित सतपाल जाटव ने बताया की ग्रेटर नोएडा गौतम बुद्ध नगर थाना इकोटेक थर्ड पुलिस के 6 पुलिसकर्मी जिसमें एसआई प्रीतम सिंह और कांस्टेबल कुलदीप और 4 अन्य पुलिस कर्मी इनोवा कार से सुबह साढ़े ग्यारह बजे उनके साहिबाबाद के शालीमार स्थित मकान पर आए और बगैर कुछ बताये सभी पुलिस कर्मी घर मे घुस गए। पूरे घर की तलाशी लेने लगे। वहीं उनकी बेटी बाथरूम में स्नान कर रही थी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि एसआई प्रीतम सिंह ने दरवाजे में लात मार कर दरवाजा खोल दिया। उस वक्त उनकी बेटी निवस्त्र थी। जिसका विरोध उनकी पत्नी ने किया तो उसके साथ कुलदीप नामक सिपाही ने भी गाली गलौज की और जेल भेजने की धमकी दी। उसने कहा कि तुम्हारे बेटे को जेल भेजा था। अब तुम्हे जेल भेजेंगे। वहीं मकान सील करने की धमकी देते हुए सभी पुलिस कर्मी चले गए।

 

 

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पीड़ित परिवार का कहना है कि कुछ दिन पूर्व बदमाश मनोज भाटी को पकड़ने के लिए पुलिस ने दबिश दी थी और जब थाना इकोटेक 3 पुलिस को बदमाश मनोज भाटी नहीं मिला तो सतपाल जाटव के पुत्र प्रदीप को पकड़ कर ले गई थी और झूठे मुकदमे में 1 किलो 200 ग्राम गाजा लगा कर जेल भेज दिया था। जब कि सतपाल जाटव ने डायल 100 पर सूचना दी थी। उसके बाद भी पुलिस ने अगले दिन फर्जी मुकदमे प्रदीप को जेल भेज दिया था। सतपाल ने बताया कि आज भी पुलिस कर्मियों का कहना था कि वह छापा मारने आई है जबकि मनोज भाटी का यहां से कोई लेना देना नहीं है।

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