HRMF की सक्रियता से युवक को फर्जी मुठभेड़ में नहीं मार पायी पुलिस!

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लखनऊ। फर्जी मुठभेड़ में निर्दोष युवकों का एनकाउंटर करने का मामला रुकने का नाम नहीं दे लहा है। ऐसे ही एक मामले का खुलासा HRMF ने किया है। HRMF के मुताबिक 18/04/2019 की रात लगभग 9 बजे के करीब लखनऊ जनपद के थाना हुसैनगंज क्षेत्र से अविनाश शुक्ला पुत्र दीनदयाल शुक्ला को सादे वर्दी में आये करीब छः सात लोग प्राइवेट कार में भरकर जबरन उठा ले गये। युवक को जबरन उठाकर ले जाने वाले थाना पीजीआई, थाना आशियाना में तैनात पुलिसकर्मी विमल, प्रवीण व चार पांच अज्ञात लोग सीसीटीवी कैमर में कैद हैं जो साफ़ दिखाई दे रहें हैं।

आरोप है कि उक्त युवक को मुठभेड़ में मारने की इरादे से ले जाने की घटना की जानकारी तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम 100  पर फोन कर सूचना दी गई। जिसकी शिकायत आईडी न.P19041900054 है। उसी रात उक्त मामले की जानकारी राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, होम सेक्रटरी, सहित डीजीपी.आईजी.एडीजी,एसएसपी लखनऊ को इमेल के माध्यम से सूचना दी गई। यही नहीं ट्वीटर पर भी पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी दी गई।

HRMF के द्वारा मामले को संज्ञान में लाने पर उच्च अधिकारियों ने तत्काल कार्यवाही का आश्वासन दिया। उसी रात थाना प्रभारी हुसैनगंज के सीयूजी न.से फोन भी आया की हम जल्द पता करते हैं। की बिना उन्हें जानकारी दिए दूसरे थाने के लोग उनके क्षेत्र से युवक को क्यों ले गए। लेकिन उसके बावजूद तीन दिनों तक उक्त युवक को उठाकर ले जाने का कारण या उसके गिरफ्तारी की कोई सूचना सार्वजनिक नहीं किया गया। 

उक्त मामले में लगातार लिखापदी और सक्रियता के कारण उक्त युवक को लखनऊ पुलिस फर्जी मुठभेड़ में नहीं मार पायी। लेकिन पुलिस उसे तीन दिनों तक अवैध हिरासत में रख यातना देकर थाना पीजीअई क्षेत्र में फर्जी गिरफ्तारी दिखाते हुए मुकदमे का खुलासा कर अपने ऊपर सवाल खड़ा किया है। आखिर जब उक्त युवक को हुसैनगंज से उठाकर ले गए तो तीन दिनों तक अवैध हिरासत में क्यों और कहां रखा। थाना पीजीआई से गिरफ्तारी क्यों दिखाया!

उक्त युवक के फर्जी गिरफ्तारी से ये बात तो साबित ही हो गया कि पुलिस उसे फर्जी मुठभेड़ में मारने के इरादे से ही थाना हुसैनगंज से उठाकर ले गई थी। जब वह अपने प्लान में कामयाब नहीं हुए और खुद फंसता हुआ दिखाई दिए तो फर्जी मुकदमें में गिरफ्तारी दिखा दिया। अवैध हिरासत में रख यातान देना और फर्जी गिरफ्तारी में दिखाना उच्चतम न्यायालय के आदेशों और मानवाधिकारों का खुला उलंघन है। बताया कि लखनऊ पुलिस द्वारा इस मामले में किये गए कानून के उलंघन की शिकायत न्यायालय और सरकार से किया जाएगा। जिससे दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही हो। न्यायालय के आदशों और कानूनों का उलंघन ना हो और मानव गरिमा की सुरक्षा सुनुश्चित हो।

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