आरक्षण व्यवस्था पर भारत बंद के दौरान भारी हिंसा के बाद फिर से भारत बंद की खबर से सतर्क हुई एम पी पुलिस

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सोशल मीडिया पर 10 अप्रैल को भारत बंद का आह्वान

नई दिल्ली: भारत बंद के दौरान स्थिति संभालने में नाकाम रही एमपी पुलिस एक बार फिर से सकते में है कारण एक बार फिर से भारत बंद की बात जो उसके पास एक बार फिर पंहुच गयी है।
 इस बार यह सूचना किसी संगठन या फिर किसी दल द्वारा नही मिली है बल्कि इस बार यह सूचना सोशल मीडिया पर चल रही है,सोशल मीडिया की खबरों की मानी जाये तो इस बार भारत बंद 10 अप्रैल को होने की बात कही जा रही है।

मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र में दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान भारी हिंसा के बाद आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ 10 अप्रैल को भारत बंद के आह्वान के संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इससे सतर्क पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सामुदायिक सद्भाव बनाये रखें।

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने 10 अप्रैल को संभावित भारत बंद के बारे में पूछे जाने पर  कहा, ‘‘हमारी सभी नागरिकों से अपील है कि वे शांति और सद्भाव बनाये रखें. हालांकि, हम किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिये तत्पर हैं। 

उन्होंने कहा, ‘‘समाज के अलग-अलग समुदायों में मतभिन्नताएं हो सकती हैं लेकिन इन्हें हिंसा में परिवर्तित नहीं होना चाहिये, प्रदेश के लिए अमन-चैन का माहौल आवश्यक है। 

गौरतलब है कि दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र में अलग-अलग हिंसक घटनाओं में आठ लोग मारे गये थे. इनमें भिण्ड जिले के चार, ग्वालियर के तीन और मुरैना का एक व्यक्ति शामिल हैं. इन घटनाओं में 54 पुलिसकर्मी सहित 153 लोग घायल हो गए थे। 

भारत बंद के दौरान संगठित हिंसा से पुलिस के खुफिया तंत्र पर भी सवाल उठे थे. यह बंद अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम को कथित तौर पर कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ बुलाया गया था।

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