देवरिया कांड के बाद लखनऊ के महिला संरक्षण गृहों में छापेमारी, 3 संवासिनी लापता मिलीं

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देवरिया कांड के बाद चेते अधिकारी

जांच के दौरान महिला संरक्षण गृहों में मिलीं कई खामियां

राजकीय महिला शरणालय में संवासिनियों के लापता होने का खुलासा

 

लखनऊ। देवरिया के बालिका संरक्षण गृह में जिश्मफरोसी का धंधा करवाने की शर्मनार घटना के बाद नाराज सीएम योगी ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। सीएम की सख्ती के बाद अधिकारियों ने सोमवार को राजधानी के बालिका संरक्षण केंद्रों और संवासिनी गृहों में दिन भर छापेमारी की। जहां पर कई खामियां पाई गईं। जांच में उजागर हुआ कि, सरकार के लाखों का अनुदान पाने के बाद भी संवासिनी लड़कियों के रहने के इंतजाम बदहाल हैं। जिन कमरों में लड़कियां रह रहीं हैं, वहां साफ-सफाई की स्थिति भी काफी खराब है।  

 

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बता दें, डीएम कौशल राज शर्मा के निर्देश पर सात टीमें बनाई गईं।  इनमें से एक टीम के प्रभारी एसीएम प्रथम प्रफुल्ल त्रिपाठी सोमवार दोपहर को प्राग नारायण रोड स्थित राजकीय महिला शरणालय पहुंचे। उन्होंने शरणालय के गेट पर रखे विजिटर रजिस्टर पर एंट्री देखी। संवासनियों की उपस्थिति और पंजीकरण रजिस्टर से मिलान किया। शरणालय के मुख्य गेट पर तैनात गार्ड, रसोइया से लेकर अधीक्षक से अलग-अलग जानकारी जुटाई।

 

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डीएम ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश

इन टीमों ने दिन और रात में शरणालय पहुंचकर अलग-अलग छापेमारी की। रजिस्टर खंगाले। संवासनियों से भी एक-एक करके पूछताछ की। संवासनियों से उनके खानपान और रहन-सहन के बारे में पूछा गया। जिसमें संवासनियों ने बिना बात के मारने-पीटने और घटिया खाना दिए जाने की शिकायत की। जिसके बाद एसीएम की मौखिक रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश देर रात जारी कर दिए। वहीं अधिकारियों ने संवासनियों को अपना नंबर देकर कहा  कि उन्हें कोई समस्या हो तो वह उनसे सीधे बात करके भी बता सकती हैं।

नौ दिन पहले भागी हैं तीन संवासिनी

बताया जा रहा है प्राग नारायण रोड स्थित राजकीय महिला शरणालय से 29 जुलाई को तीन संवासिनी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलते हुए दीवार कूदकर भाग गईं थी । इन तीनों के भागने की रिपोर्ट हजरतगंज कोतवाली में दर्ज है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक एक भी संवासिनी का सुराग नहीं लग सका है। इस मामले में सोमवार को एसीएम प्रथम प्रफुल्ल त्रिपाठी ने अधीक्षिका आरती सिंह को फटकार लगाई। अधीक्षिका ने सोमवार को छापामार कार्रवाई होने पर अपना मोबाइल नंबर ही बंद कर लिया।

 

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जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर शरण पांडेय ने बताया कि सोमवार को दिन और रात में प्राग नारायण रोड, मोती नगर, अलीगंज, मोहान रोड समेत सभी महिला शरणालय व एनजीओ द्वारा संचालित अनाथालयों में निरीक्षण किया गया है। वहीं डीएम कौशल राज शर्मा ने कहा कि, जिन सरकारी व एनजीओ संचालित बालिका गृहों में गड़बड़ी उजागर हुई है उनके संचालकों के खिलाफ प्रशासन कड़ी दंडात्मक कार्रवाई तय करेगा।

 

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