मुजफ्फरपुर रेप कांड: रेप पीड़िता की तस्वीर दिखाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सरकार को भेजा नोटिस

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नई दिल्ली।  बिहार के मुजफ्फरपुर के बालिका आश्रय गृह में बच्चियों के साथ बलात्कार के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को स्वतः संज्ञान लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया में नाबालिग रेप पीड़िता की तस्वीर किसी भी तरीके से दिखाने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने नाबालिग रेप पीड़िता की पहचान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा उजागर करने पर भी कड़ा रूख अपनाया है और मॉर्फ्ड (अस्पष्ट) तस्वीर के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है।

 

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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस भी भेजा

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में नाबालिग बच्चियों के साथ हुए यौन शोषण मामले पर भी स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस भेजा है। जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने मीडिया में आ रही पीड़ित बच्चियों की तस्वीरों पर चिंता जताई है।

पीठ ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को आदेश दिया है कि वो बच्चियों का न तो इंटरव्यू लें और न ही तस्वीर दिखाएं। कोर्ट ने अस्पष्ट तरीके से भी तस्वीर दिखाने पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार, महिला-बाल कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग (NCPCR) और अन्य को नोटिस जारी कर मंगलवार तक जवाब मांगा है । मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को ही होगी। कोर्ट ने इस मामले में वकील अर्पणा भट्ट को एमिक्‍स क्‍यूरी (न्‍याय मित्र) नियुक्‍त किया है।

 

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इससे पहले NHRC ने लिया था संज्ञान

मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया था। आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स पर संज्ञान लेते हुए बिहार के डीजीपी और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा था। सीएम नीतीश कुमार ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला लिया था।

 

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इस मामले का खुलासा तब हुआ जब मुंबई की संस्था टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइसेंस की टीम ने बालिका गृह के सोशल ऑडिट रिपोर्ट में यौन शोषण का उल्लेख किया था। इसके बाद मुजफ्फरपुर महिला थाने में इस मामले की एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बाद लड़कियों के मेडिकल जांच में भी यहां की 41 लड़कियों में से 29 लड़कियों के साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि हुई थी। इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

 

 

 

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