स्कूल बस में सुरक्षित नहीं है मासूम बच्चे,ड्राइवर ने किया अप्राकृतिक दुष्कर्म 

Foto

                                                      crimenews/अपराध समाचार       

नई दिल्ली।देश की जनता अपने  मासूम बच्चो की सुरक्षा के लिए स्कूल के महंगे वाहनों में  स्कूल भेजते है लेकिन जिनके भरोसे वह उन वाहनों में बच्चे भेजते है    कभी कभी वही उनकी जिन्दगी बर्बाद करने का कारण बन जाते है ऐसा ही एक मामला  झारखंड की राजधानी रांची में सामने आया है जहा एक निजी स्कूल के बस ड्राइवर ने 3 साल के मासूम बच्चे को अपनी हवस का शिकार बना डाला। बस में बच्चों के साथ जाने वाली चतुर्थ श्रेणी की महिला कर्मचारी पर भी संलिप्तता की बात का भी खुलासा हुआ है। आरोपी बस ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसने अपना जुर्म भी कुबूल कर लिया है। 

पुलिस के अनुसार पीड़ित मासूम शहर के ओल्ड कमिश्नर कंपाउंड स्थित लिटिल एंजल्स प्ले स्कूल में पढ़ता है। आरोपी बस ड्राइवर ने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कुबूल करते हुए पुलिस को बताया कि उसने मासूम बच्चे के साथ कई बार गलत काम किया है।उसने बताया कि बच्चों को स्कूल से उनके घर छोड़ते समय वह पीड़ित बच्चे को सबसे आखिर में छोड़ता था। इस बीच मौका देखकर सूनसान जगह पर वह बस खड़ी कर देता और मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाता।जब बच्चा दर्द से कराहता तो वह इंजेक्शन लगाने की धमकी देकर बच्चे को चुप करा देता था। 

मासूम बच्चे की मां ने बताया कि एक दिन शौच के दौरान बच्चे के नाजुक अंग से खून निकलता देख वह घबरा गईं।वह अपने बेटे को डॉक्टर के पास ले गईं, जहां जांच के दौरान बच्चे से अप्राकृतिक यौनाचार की बात सामने आई, जिसे सुनकर मां सन्न रह गई। 

मां ने जब मासूम बेटे से इस बारे में पूछा तो बच्चे ने पूरी आपबीती बता दी। हालांकि बच्चे के माता-पिता शुरू में लोकलाज के डर से कुछ दिन चुप रहे। लेकिन फिर हिम्मत कर उन्होंने शीर्ष पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। रांची के SSP ने इस मामले की जांच का जिम्मा सिटी SP और कोतवाली DSP को सौंपा और जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के लिए कहा। 

रांची के डेली मार्केट थाने में आरोपी ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज हुआ।पीड़ित मासूम के मेडिकल टेस्ट में अप्राकृतिक यौनाचार की पुष्टि होने के बाद आरोपी ड्राइवर के खिलाफ दर्ज केस में POCSO एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। 

leave a reply

क्राइम-अपराध 

Live: ख़बरें सबसे तेज़

प्रमुख श्रेणी