तलाक... तलाक... तलाक... पर आखिर तालाबंदी कब !

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बस एक फोन कॉल और जिंदगी बनी जहन्नुम

 

लखनऊ। विदेश आया बस एक फोन कॉल और उसकी जन्नत से भरी जिंदगी का बढ़ता सफर जहन्नुम में तब्दील हो गया। दो मासूमों को अपने आंचल के साये में लपेटे हुए अशिफा आज पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के दर पर अपनी उजड़ी जिंदगी की दास्तां को बताने के लिए दस्तक दे रही है। काले नकाब की पीछे आंखो में आसुओं का सैलाब लिए अशिफा आज इंसाफ को तरस रही है।  

 

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एक तरफ मोदी सरकार तीन तलाक की रोकथाम के लिए बिल लाने की कवायद में हैं। देशभर में इन दिनों तीन तलाक का मुद्दा छाया हुआ है। इसके बावजूद तीन तलाक के मामले थम नहीं रहे हैं। मिश्रिख की रहने वाली आसिफा बानो की जिंदगी तीन तलाक से नरक बन गई है।

मिश्रिख के मोहल्ला थोक की रहने वाली आसिफा का निकाह 28 मार्च 2015 को हरदोई जिले के संडीला कस्बे में निहाल अहमद से हुई थी। आसिफा के पिता ने निकाह में दान-दहेज अपनी सामर्थ्य के हिसाब से दिया। लेकिन ससुराल वाले उससे अधिक दहेज की मांग कर रहे थे। दहेज में दो लाख रुपए नकद, कार तथा सोने के चेन की मांग लगातार कर रहे थे। आसिफा का पति दुबई में रहकर सेल्समेन का काम करता है।

 

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इसी के चलते ससुराल वाले आसिफा को प्रताड़ित करते थे। 3 मार्च 2016 को आसिफ़ा ने एक बेटी को जन्म दिया। इसके बाद भी पति व ससुराल वालों का जुल्म बढ़ता गया। इसके बाद आसिफा ने मायके वालों को सारी बात बताई। हालात बिगड़ने पर आसिफा मायके में रहने लगी। इस बीच ससुरालवाले लगातार दहेज का दबाव बना रहे थे। 29 जून 2018 को आसिफा ने एक बेटे को जन्म दिया।

उसके बाद फिर दुबई चला गया। दुबई से निहाल ने 2 अगस्त 2018 को आसिफा के मोबाइल पर कॉल कर दहेज की मांग पूरा करने का दबाव बनाया। आसिफ़ा ने जब दहेज में असमर्थता दिखाई, तो निहाल आग बबूला हो गया। और दुबई से फोन पर ही तीन बार तलाक, तलाक, तलाक, बोलते हुए कहा कि अब हमारा तुम्हारा कोई रिश्ता नहीं है।

वहीँ इस मामले पर सीतापुर एएसपी एमपी चौहान का कहना है कि तीन तलाक का मामला सामने आया है। जिस पर पुलिस द्वारा अभियोग पंजीकृत किया गया है। जांच कर कारवाई की जाएगी।

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