यूपी पुलिस ने अब ये कांड करके वर्दी को किया शर्मसार, 5 दरोगा समेत 13 पर केस

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Lucknow ।  सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी में सीएम की कुर्सी पर बैठते ही अपराध मुक्त प्रदेश का दावा किया था, लेकिन उनका यह दावा खोखला साबित हो रहा है। यूपी पुलिस अपने काले करनामों को लेकर समय समय पर सुर्खियों में बनी रही है। अपराध को कम करने की कौन कहे खुद ही अपराधी बनकर कभी रेप तो कभी लूट और डकैती जैसी वरादात को अंजाम देकर जनता का भरोसा तोड़ने में मस्त हैं। कुछ इसी तरह का मामला बुलंदशहर में सामने आया है। यहां पुलिस का ऐसा घिनौना चेहरा सामने आया है कि हकीकत जानकर आपके होश भी उड़ जाएंगे। यहां 5 दरोगा और 13 पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर डकैती और चोरी का मामला दर्ज किया गया है। सभी वर्दीधारी आरोप खुर्जा थाने में तैनात थे। 

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क्या है मामला

बुलंदशहर स्थित खुर्जा थाने में पुलिस कर्मियों ने गत 8 सितंबर को दिन दहाड़े एक घर में घुसकर डकैती जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। यहां से सभी वर्दीधारी आरोपियों ने 84 हजार रुपए नकदी समेत दो बाइक की लूट को अंजाम दिया। इस काले कारनामे को अंजाम देने के बाद जिसके घर में डाका डाला उसी घर के पीड़ित के साथी पर मामला दर्ज कर जेल भेज दिया। इतना ही नहीं पुलिस ने यह भी दावा किया कि पकड़े गए बदमाश के पास से हथियार और मादक पदार्थ बरामद किया गया है।  

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ऐसे हुआ खुलासा

कहते हैं कि मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है। पुलिस वालों ने अपनी करतूतों का शिकार बनाकर निर्दोष को इस गंभीर प्रकरण में फंसाकर जेल भेज दिया। लेकिन वर्दीधारियों की घिनौनी करतूत सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो चुकी थी। पीड़ित पक्ष ने अपने बचाव के लिए कोर्ट में 20 सितंबर को याचिका दायर करते हुए न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित ने शिवप्रकाश, जबर सिंह धर्मेंद्र शर्मा और संदीप, विपिन कुमार दरोगा और 12 सिपाहियों को नामजद किया। पीड़ित ने कोर्ट के समक्ष तथ्य और साक्ष्य पेश किए। यह सब देख कोर्ट भी हैरान रह गई। इसके बाद सबूतों के आधार पर 25 सितंबर को खुर्जा थाने के 5 दारोगा और 13 पुलिसकर्मियों के खिलाफ फैसला सुनाते हुए केस दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश पर वर्दीधारी आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 395 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। 

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