सीबीएसई में दाखिले को अब नहीं होगा भटकना

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खोले जाएंगे 8,000 नए स्कूल, मान्यता के लिए निकाली जाएंगी फाइलें


नई दिल्ली। सीटे नहीं रहने के कारण एडमिशन से संबंधित किल्लतें अब जल्द ही दूर होने वाली हैं। चूंकि देशभर में 8,000 नए स्कूलों को खोलने के लिए सीबीएसई ने फैसला ले लिया है। बता दें कि 8 हजार आवेदन नए स्कूलों को खोलने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पास लंबित पड़े थे। जो आवेदन सीबीएसई को किए गए थे, वह संबद्ध करने को लेकर थे। इनमें कुछ आवेदन 2007 के भी शामिल हैं। लंबे समय के बाद सीबीएसई ने मान्यता के लिए उप कानूनों में संशोध कर प्रक्रिया को आसान बना दिया है। साथ ही कार्रवाई भी पेपरलेस कर दिया । अब केवल स्कूलों को दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही उसी साल विचार करते हुए सभी मामलों के निपटारे की बात कही है।  

 


   

उप-कानून जारी

 

कानून में संशोधन के बाद मानव संसाधन एवं विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने नए उप-कानून को जारी कर दिया है। जावेडकर ने कहा कि शिक्षा को लेकर उनका ध्यान पूरी तरह से पारदर्शिता पर है। संबद्धीकरण को लेकर स्कूलों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो यह उनका प्रयास है। इसलिए यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। बताते चलें कि स्कूलों के संबद्धीकरण के लिए उप कानून पहली बार 1988 में बनाया गया था। इसके बाद अंतिम बार 2012 में इसे संशोधित किया गया।  अब कानून में संशोधन करते हुए यह बात जोड़ दी गई है कि कोई भी स्कूल यदि परीक्षा कदाचार में संलिप्त पाया जाता है, तो संबंधित स्कूल का संबंद्धीकरण रद्द कर दिया जाएगा।

 

 

लंबी है प्रक्रिया

 

जावेडकर ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि नया उन कानून सरलता को दर्शाता है। इस प्रक्रिया के तहत स्कूलों के संबद्धीकरण में आसानी होगी। अभी तक जो नियम और कानून बने थे, उसके तहत प्रक्रिया लंबी थी। आरईटी कानून के तहत मान्यता व एनओसी देने के लिए राज्य शिक्षा प्रशासन स्थानीय निकायों, राजस्व तथा सहकारी विभागों से मिलने वाले अनेक प्रमाणपत्रों का सत्यापन करता है। इसके बाद आवेन मिलने के उपरांत सीबीएसई फिर से सत्यापन कार्य करता है। ऐसे में प्रक्रिया लंबी होती चली जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड अब जिनका सत्यापन राज्य कर चुका उन पहलुओं को नहीं देखेगा। सीएबीएसई अब मात्र शैक्षिक गुणवत्ता और परिणामों के आधार पर ही ध्यान देगा। बताते चलें कि देश भर में कुल 20,783 स्कूलों को मान्यता सीबीएसई से मिल चुकी है। कुल स्कूलों को मिलकार शिक्षा लेने वाले छात्रों की संख्या करीब 1.9 करोड़ और 10 लाख से अधिक शिक्षक हैं। स्कूलों को मान्यता देने से संबधित उप कानून 1998 में बनाए गए थे। इसके बाद आखिरी बार 2012 में संशोधित किया गया था। 

 

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