शिव नादर यूनिवर्सिटी ने अंडरग्रेजुएट कार्यक्रमों के लिए प्रवेश की घोषणा

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लखनऊ। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शिव नादर यूनिवर्सिटी निजी क्षेत्र में भारत के अग्रणी विस्तृत, शोध केंद्रित, बहुविषयक विश्वविद्यालयों में से एक है। विश्वविद्यालय की तरफ से मंगलवार को लखनऊ में प्रेसवार्ता कर वर्ष 2019 के एकेडेमिक सत्र के लिए सभी अंडरग्रेजुएट कार्यक्रमों के लिए प्रवेश की घोषणा की है। इच्छुक विद्यार्थी www.snu.edu.in पर उपलब्ध काॅमन एडमिशन फाॅर्म भरकर जमा करें। आवेदन की अंतिम तिथि 4 जून 2019 है। विद्यार्थियों को प्रवेश उनके 12 वीं कक्षा के परिणामों, एसएनयूसैट और एकेडेमिक प्रोफिशियंसी टेस्ट (एपीटी) के आधार पर दिया जाएगा। प्रवेश परीक्षाओं (एसएनयूसैट और एपीटी) में बैठने की अंतिम तिथि 9 जून, 2019 है।

डाॅ राजीव कुमार सिंह, असिस्टेंट डीन ऑफ अंडरग्रेजुएट स्टडीज, शिव नादर यूनिवर्सिटी ने कहा, ‘‘हमारा निरंतर प्रयास है कि हम विद्यार्थियों को उनके चयनित विषय में संपूर्ण ज्ञान दें और संबंधित संकायों की विस्तृत जानकारी भी। 21 वीं सदी में पृथक रूप से पढ़ाए गए विषय विद्यार्थी की रचनात्मक स्वतंत्रता, क्रिटिकल थिंकिंग और प्राॅब्लम साॅल्विंग का कौशल खत्म कर देते हैं। एक शोध आधारित विश्वविद्यालय के रूप में हम ‘लर्निंग बाय डूइंग’ और अपने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण कौशल प्रदान करने पर बल देते हैं, जो कभी भी पुराना नहीं होता।

हाल ही में जारी किए गए नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ), जिसका प्रकाशन भारत सरकार ने किया, में शिव नादर यूनिवर्सिटी को ‘विश्वविद्यालय’ श्रेणी में 52 वां पायदान मिला। यह विश्वविद्यालय एमएचआरडी द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ समिति द्वारा चयनित किया गया और इसे भारत सरकार ने ‘इंस्टीट्यूशन आॅफ एमिनेंस’ (उत्कृष्टता के संस्थान) का दर्जा दिया।

शिव नादर फाउंडेशन द्वारा सहयोग प्राप्त, शिव नादर यूनिवर्सिटी एनसीआर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनकी आर्थिक पृष्ठभूमि से पृथक एक समान अवसर प्रदान करने में यकीन रखती है। इसलिए यह यूनिवर्सिटी सभी विद्यार्थियों को उनके कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर पहले साल स्काॅलरशिप प्रदान करती है, जो हर साल उनके सीजीपीए स्कोर के आधार पर जारी रहती है। इसके अलावा, यह यूनिवर्सिटी विशेष स्काॅलरशिप भी देती है, जो निम्नलिखित है।यह स्काॅलरशिन हर बोर्ड में कक्षा 12 में सर्वोच्च 10 अंकधारकों, जेईई (एडवांस्ड) में सर्वोच्च 500 अंकधारकों, इंस्पायर फैलो, सैट परफेक्ट अंकधारकों और किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (केवीपीवाई) फैलोशिप धारकों को दी जाती है। चयनित विद्यार्थियों को संपूर्ण प्रोग्राम में कम से कम 6.50 की सीजीपीए बनाकर रखने पर एडमिशन शुल्क, ट्यूशन फीस, होस्टल, मेस एवं लाॅन्ड्री शुल्क में 100 प्रतिशत छूट मिलती है। यह स्काॅलरशिप ग्रामीण और सुविधाओं से वंचित पृष्ठभूमि के विलक्षण प्रतिभा वाले विद्यार्थियों को दी जाती है। यह योजना एडमिशन शुल्क, ट्यूशन फीस, होस्टल, मेस और लाॅन्ड्री शुल्क में 100 प्रतिशत छूट देती है।  


शिव नादर यूनिवर्सिटी एनसीआर ने विशेष कोर्सों के लिए विदेशों की अग्रणी यूनिवर्सिटीज़ जैसे डेकिन यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी आफ कैलिफोर्निया बर्कले, यूनिवर्सिटी आफ मिशिगन, यूनिवर्सिटी आॅफ क्वींसलैंड के साथ साझेदारी की है। इसलिए विद्यार्थी एक सेमस्टर या एक पूरा एकेडेमिक साल अंतर्राष्ट्रीय यूनिवर्सिटी में बिता सकते हैं और उन्हें लर्निंग का व्यवहारिक व अंर्तराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त हो सकता है। यह यूनिवर्सिटी इस साल 13 नए अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के साथ अतिरिक्त साझेदारी कर रही है, जिनमें द न्यूयार्क यूनिवर्सिटी, जर्मनी की हेडेलबर्ग यूनिवर्सिटी, स्वीडन की गोटेनबर्ग यूनिवर्सिटी आदि शामिल हैं।

2019 में यूनिवर्सिटी से 500 से ज्यादा विद्यार्थी ग्रेजुएट होंगे और इनमें से 91 प्रतिशत विद्यार्थी अग्रणी संगठनों में पहले ही प्लेस किए जा चुके हैं। इस संगठनों में एडोब सिस्टम्स, कैपजेमिनी, काॅग्निजैंट, सिस्को, एचसीएल, जे़राॅक्स, राॅयल एनफील्ड, गोल्डमैन सैश्स आदि शामिल हैं। इस साल कैंपस प्लेसमेंट के दौरान दिया जाने वाला सर्वाधिक वेतन का पैकेज 31.05 रु. प्रतिवर्ष था। शेष 9 प्रतिशत विद्यार्थियों ने मशहूर अंर्तराष्ट्रीय यूनिवर्सिटीज़ में अपनी उच्च शिक्षा जारी रखने का विकल्प चुना।  

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