बर्थडे स्पेशल : 'जेंटलमैन गेम' के जेंटल राहुल द्रविड़

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Sports News / खेल समाचार

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के 'द वॉल' राहुल द्रविड़ ने टीम को बड़ी जीत और पारियों के अलावा कई अहम सीख भी दी। यह वो शख्सियत है जिसने जरूरत पड़ने पर कीपिंग ग्लव्ज भी थामे और विवादों के बीच टीम की कमान भी। आज इनका जन्मदिन है। 

यह वो शख्स है जिसने 2011 में टीम पर बोझ ना बनने के लिए सेलेक्शन होने के बावजूद रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। द्रविड़ ने देश को बताया कि क्रिकेट अगर जेंटलमैन गेम हैं तो कयों वह इस खेल के सबसे बेहतरीन जेंटलमैन हैं।

11 जनवरी 1973 को मध्य प्रदेश के इंदौरा में जन्मे राहुल ने 16 साल के इंटरनेशन करियर के दौरान 164 टेस्ट, 344 वनडे और एक टी-20 मैच खेले है। द्रविड़ की छवि एक ऐसे बल्लेबाज के रूप में थी जो विकेट पर लंगर डालकर लंबी पारियां खेलता था। 

राहुल द्रविड़ा का डिफेंस इतना मजबूत था कि विपक्षी गेंदबाजों को उन्हें आउट करने में पसीना आ जाता था। यही कारण है कि दुनिया के कई दिग्गज बॉलरों ने द्रविड़ को आउट करने के लिहास से सबसे मुश्किल बल्लेबाज माना है।

आज द्रविड़ के जिम्मे एक अहम जिम्मेदारी है। वह देश के अंडर 19 और इंडिया ए टीम के कोच हैं। जिस वक्त कभी उनके साथ खेले तमाम दिग्गज या तो सीनियर टीम के लिए कोच का पद ढूंढ रहे थे या खुद ही उसकी दावेदारी कर रहे थे उस वक्त द्रविड़ ने फैसलेा किया कि वह भारत के युवाओं के साथ काम करना चाहते हैं। आज राहुल द्रविड़ एक नई भूमिका में सबके सामने हैं।

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