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ये गलतियां न होती तो शायद जीत जाती टीम इंडिया

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Sports News / खेल समाचार

नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खत्म हो गई है। सीरीज को इंग्लैंड ने 4-1 से जीता। भले ही इंडिया यह सीरीज हार गई हो लेकिन टीम ने इंग्लैंड का जबरदस्त मुकाबला किया। 

जब विराट एंड कंपनी इंग्लैंड दौरे पर जा रही थी तब उसे सीरीज जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन टीम चयन में गलती ने भारतीय टीम के मौकों को कम कर दिया। टीम की कप्तान कोहली पर अत्याधिक निर्भरता और ओपनर तथा मध्यक्रम की असफलता ने विदेश में टीम की पोल खोल दी।

टीम के ओपनर पूरी सीरीज में फ्लॉप रहे। मध्यक्रम में विराट कोहली के अलावा कोई भी बल्लेबाज ज्यादा रन नहीं बटोर पाया। पहले टेस्ट से आखिरी टेस्ट तक कोई भी बल्लेबाज अपने प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रख पाया। पांचवें और अंतिम टेस्ट की दूसरी पारी में लोकेश राहुल और ऋषभ पंत ने शतक जरूर जड़ा लेकिन तब तक काफी देर हो गई थी। पंत और राहुल के एक दिन का प्रदर्शन इस बात को झुठला नहीं सकता कि भारतीय टॉप बल्लेबाज क्रम फ्लॉप रहा।

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बात करें ​ओपनर शिखर धवन की तो उन्हें 4 टेस्ट में मौका मिला लेकिन वो एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके। उन्होंने 8 पारियों में खेलते हुए कुल 20.25 की औसत से 162 रन बनाए। उनका उच्चतम 44 रन रहा।

पहले टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा की कमी खलती है। यहां रविचंद्रन अश्विन ने दोनों पारियों में कुल 7 विकेट झटके थे। रविंद्र जडेजा का इस्तेमाल किया जा सकता था। कुछ ऐसा ही साउथ हैम्पटन में भी देखने को मिला। दूसरी ओर अश्विन चोट से वापसी कर रहे थे जिसकी वजह से उन्हें काफी परेशानी हुई।इसके अलावा भारतीय क्रिकेट के लिए दूसरा बड़ा मुद्दा कोचिंग स्टाफ की भूमिका है। कोचिंग स्टाफ रवि शास्त्री, संजय बांगड, भारत अरुण और आर. श्रीधर से टीम चयन में तीन बार गड़बड़ी हुई। टीम का चयन सही नहीं होने का खामियाजा भारत को हार के रूप में देखना पड़ा।

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