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अगर आप पार्न देखने के एडिक्ट हो गए हैं तो करें ये उपाय

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स्वास्थ्य

 

लखनऊ। आज वेस्टर्न कल्चर के आगोश में आकर केवल इंडियन यूथ ही बरबाद नहीं हो रहे हैं बल्कि उम्र दराज लोग भी जाने—अनजाने में अपना बहुत कुछ गंवा रहे हैं। आज हम बात करने जा रहे हैं पार्न अडिक्शन की। आज हमारे समाज में यह बीमारी इतनी तेजी से फैल रही है कि इसके आगोश में आकर यूथ क्राइम की तरफ बढ़ रहे हैं तो वहीं उम्र दराज लोग भी एंटी सोशल होते जा रहे हैं। 

 

आज इंटरनेट की भूमिका हमारे लाइफ में अहम हो गई है। इंटरनेट से हमे ज्ञान, जानकारियां, नए—नए खोज, और दुनिया के बारे में तमाम जानकारियां मिलती हैं। इंटनेट हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बनने लगा है। लेकिन कई बार हमारे युवा खासकर किशोर वय के लड़के—लड़कियां इसके गलत इस्तेमाल के लती यानि एडिक्ट होने लगे हैं। इसमें एक अहम रोल पार्न फिल्मों या क्लिप का है। हालांकि आज पार्न देखना गलत नहीं माना जाता। तमाम लोगों का कहना है कि पार्न फिल्मे देखने से ज्ञान भी मिलताहै लेकिन इसका अडिक्शन यानि लत लग जाना काफी बुरा है, जो एक तरफ युवाओं को हिंसक और यौनाचारी बना रहा है तो वहीं उम्र दराज लोग एंटी सोशल होने लगे हैं। 

 

एक सोध में यह सामने आया है कि आज भारत के तकरीबन 73 प्रतिशत किशोर यानि 14 से 18 साल के लड़के—लड़कियां इंटरनेट पर पार्न फिल्में या क्लिप देखना पसंद करते हैं। उसमें से लगभग 40 परसेंट के आस—पास लती यानि एडिक्ट हो जाते हैं। ऐसे में वे जब भी मौका पाते हैं तो साइबर कैफे में या फिर स्मार्ट मोबाइल सेट में या फिर लैपटॉप पर पार्न फिल्में देखते हैं और नतीजा आज तेजी से बढ़ रही बलात्कार की घटनाएं और हत्या सबके समाने है। कई बार तो ये किशोर वय के लड़के अडल्ट महिलाओं या फिर लड़कियों के साथ भी यौन अपराध करने से नहीं हिचक रहे हैं। 

 

दूसरी तरफ उम्र दराज लोग भी पार्न फिल्मों का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। गूगल पर पार्न साइटों पर विजिट करने वालों में बुजुर्गों और 50 वर्ष के ऊपर के लोगों की संख्या भी कम नहीं है। ऐसे कई बार  कुछ बुजुर्ग भी यौन अपराध और यौन हिंसा करने से नहीं चूक रहे हैं।अब हम यहां बताना चाहते हैं कि पार्न अडिक्ट होने से बचने के कुछ उपाय जिसपर अमल करके आप इसके लती होने से बच सकते हैं और अपना समय  समाज और परिवार को दे सकते हैं। 

 

दृढ आत्म विश्वास पैदा करना

 

अगर आप पार्न अडिक्शन से मुक्ति चाहते हैं तो सबसे पहले आपको अपने अंदर दृढ इच्छा शक्ति जागृत करनी होगी। यानि इस आदत को छोड़ने के लिए कड़ा संकल्प लेना होगा। खाली समय में इंटरनेट का उपयोग करें लेकिन चैटिंग करने में, गेम खेलने में दुनिया या किसी विशेष विषय वस्तु की जानकारी लेने के लिए। तो आप का मन पार्न साइटों से दूर होता चला जाएगा।इसके साथ ही अगर आप के मोबाइल, लैपटाप या गाड़ी तथा धर या आफिस के कवर्ड में अडल्ट मैग्जीन अथवा अन्य कोई अडल्ट डेटा हो तो उसे तुरंत समाप्त करें। 

 

उसकी जगह ज्ञान वर्धक किताबें, साहित्य, नावेल, जीके सम्बंधित बुक या डेटा स्टोर करें। इसके साथ ही अपना समय परिवार, समाज, दोस्तों या फिर पुस्तकों को दें। बता दें कि पॉजिटिव थिंकिंग और सेल्फ कंट्रोल से कोई भी अडिक्शन ठीक हो सकता है चाहे आपको इसकी कितनी भी लत हो। आप खुद को चैलेंज करके देखें और ट्राई करें, अगर एक बार भी कामयाब होंगे तो अच्छा महसूस करेंगे।
 

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