एक लाख से अधिक ग्रामीणों ने उठाया नि:शुल्क ईलाज का लाभ 

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प्रदेश में 12 हजार लैब टेस्ट के साथ ही 1,50246 मरीजों को मिला उपचार

6904 मरीजों के साथ बरेली पहले स्थान पर, लखनऊ में 3730 मरीजों को  लाभ

 
लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा गत 18 फरवरी को शुरु की गयी सचल चिकित्सा इकाई, एमएमयू लगातार ऐसे ग्रामीणों को उनके दरवाजे पर उपचार उपलब्ध कराने का काम कर रही है। जिन्हें पहले उपचार के लिए घर से काफी दूर जाना पड़ता था। बहुत कम समय में ही सचल चिकित्सा इकाई,एमएमयू ने प्रदेश में एक लाख 5 हजार 246 मरीजों को नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराकर एक कीर्तिमान स्थापित कर लिया है। 

 

प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही लखनऊ में एमएमयू ग्रामीणों को दरवाजे पर मुफ्त ईलाज व जांचे उपलब्ध कराने का काम कर रही है। प्रदेश में सफलतापूर्वक सचल चिकित्सा इकाई का संचालन कर रही संस्था केएचजी हेल्थ सर्विसेज के सीइओ जितेंद्र वालिया ने बताया कि अब तक 102 एमएमयू जिलों में भेजी जा चुकीं है। जहां पर सर्वाधिक मरीज देखे गये हैं। श्री वालिया ने बताया कि इसमें प्रथम स्थान के साथ बरेली में 6 हजार 904 मरीजों को उपचार मिला और 683 मरीजों को लैब टेस्ट किया गया। दूसरे स्थान पर रहे बहराईच में 5 हजार 20 मरीजों को उपचार मिला और 719 लैब टेस्ट किये गये। प्रयागराज में 4744 मरीजों को उपचार मिला और 760 लैब टेस्ट किये गये। फैजाबाद में 4252 मरीजों को उपचार मिला व 395 लैब टेस्ट किये गये। बनारस में 4145 मरीजों को उपचार मिला और 630 लैब टेस्ट किये गये तथा लखनऊ में 4015 मरीजों को उपचार मिला और 706 मरीजों के लैब टेस्ट किये गये हैं।

उन्होंने बताया कि लखनऊ के काकोरी,बक्शी तालाब,माल,चिनहट व इटौंजा कस्बे के साथ ही सरोजनी नगर ब्लॉक के विभिन्न गांवों में एमएमयू के द्वारा लोगों को उपचार उपलब्ध कराया गया है। राजधानी में एमएमयू के द्वारा उपचार से करीब 4015 मरीज लाभाविन्तत हो चुके हैं। वहीं, प्रदेश में यह आंकड़ा एक लाख की संख्या पार कर चुका है। जितेंद्र वालिया ने बताया कि एमएमयू में मौजूद अनुभवी चिकित्सक की देखरेख में ग्रामीणों को उनके दरवाजे पर उपचार उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा मरीज सीजनल बीमारियों के आ रहे हैं। श्री वालिया ने बताया कि आने वाले मरीजों का चिकित्सक के परामर्श पर नि:शुल्क लैब टेस्ट व दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रहीं है। एमएमयू की टीम के द्वारा प्रदेश में 12 हजार 115 मरीजों के लैब टेस्ट किये गये हैं। ग्रामीणों को उपचार उपलब्ध कराने के साथ बीमारियों से सजग रहने व उनसे बचाव की जानकारी भी दी जा रही है।

 

उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर एमएमयू की मानीटरिंग के लिए जिला सुपरवाईजर मौजूद हैं। किस दिन किस गांव में एमएमयू को उपलब्ध रहना है, ये जिले के सीएमओ द्वारा निर्धारित किया जाता है। एमएमयू का उद्देश्य सीएचसी व पीएचसी से दूरी पर स्थित गांव तथा दूरदराज के ग्रामीणों तक उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है। एमएमयू में प्राथमिक उपचार,संक्रामक रोगों की स्क्रीनिंग,बेसिक लैब टेस्ट,शुगर व ईसीजी जांच की सुविधा बिलकुल निशुल्क उपलब्ध हैं। 

उन्होंने बताया कि मोबाईल मेडिकल यूनिट एमएमयू में कई उच्चस्तरीय व आधुनिक उपकरण मौजूद हैं जो इसे और भी खास बना देते हैं। इनमें नेब्यूलॉईजर, इलेक्ट्रिक नीडिलडिस्ट्रायर ,ईसीजी मशीन, एम्बू बैग, सेमी आटोमेटिक बायोकेमेस्ट्री एनेलाईज़र ,आटोस्कोप, टोनोमीटर, ग्लूकोमीटर,स्टेलाइज़र ,व्यू बॉक्स, ड्रेसिंग ड्रम , आपथेल्मोस्कोप ,सेंट्रीफ्यूज मशीन,लेरिंजोस्कोप, माइक्रो टाइपिंगसेंट्रीफ्यूज, हीमोग्लोबिन मीटर आदि प्रमुख हैं।

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