चिकन पॉक्स के मरीज मिलने पर सीएमओ ने डाक्टरों को लगायी फटकार

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सूचना ना देने पर दो एएनएम का किया तबादला

लखनऊ। राजधानी में खसरा के रोगी पाये जाने के बाद निरीक्षण के लिए मलिहाबाद पंहुचे सीएमओ डा.नरेंद्र अग्रवाल ने वहां पर चिकन पॉक्स के मरीज मिलने के बाद कड़ी नाराजगी जताने के साथ ही दो एएनएम का तबादला कर दिया तो वहीं डाक्टरों व अन्य कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगायी। सीएमओ ने कर्मचारियों व डाक्टरों को इसकी रोकथाम को लकर निर्देश दिये।

सीएमओ डा. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की दो टीमों ने मलिहाबाद के जगदीशपुर गांव तथा फैजुल्लागंज मैं बंदरिया बाग क्षेत्रों का निरीक्षण किया। दोनों ही स्थानों पर मिजिल्स का एक भी रोगी नहीं मिला लेकिन चिकन पॉक्स से प्रभावित कुछ रोगी मिले। जिनमें से ज्यादातर ठीक हो चुके थे।

लेकिन इसकी समय पर सूचना न देने के कारण कड़ी कार्यवाही करते हुए मलिहाबाद की एएनएम कंचन रावत तथा डूडोली की एएनएम उमा अवस्थी का स्थानांतरण कर दिया गया है। उन्हें कड़ी चेतावनी भी दी गई है। इसके साथ ही डुडोली की प्रभावित क्षेत्र की आशा रूबी खान तथा मलिहाबाद की आशा मैना को हटाने के लिए जिला स्वास्थ समिति की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि संक्रामक रोगों की स्थिति में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया की मलिहाबाद में जगदीशपुर का भ्रमण अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अजय राजा, अधीक्षक मलिहाबाद डा अवधेश कुमार, डा आरिफ अंसारी तथा स्वास्थ्य भवन के एपीडिमियोलाजिस्ट डा. राजेश सिंह, माइक्रो बायोलाजिस्ट डा.सुशील कुमार की टीम द्वारा किया गया।

गांव में चिकन पॉक्स के 5 मरीज मिले। वह सभी 15 दिन पहले ग्रसित हुए थे नया कोई मरीज नहीं मिला गांव के 58 घरों की स्क्रीनिंग की गई। 5 लोगों के ब्लड सैंपल लेकर किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है। सभी ग्रसित लोगों को दवा दी गई तथा स्वास्थ्य शिक्षा दी गई। 

ऐसे करें चिकन पॉक्स से बचाव

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि यदि किसी के परिवार में बुखार/ दाने की शिकायत हो तो तत्काल आशा ,एएनएम अथवा निकट के स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करें। चिकन पॉक्स के लक्षण यह है कि बीमारी में शुरुआत में बुखार एवं दाने पाए जाते हैं। दाने शरीर में छाती इत्यादि से शुरुआत होती है और बाद में हाथ पैर में पाए जाते हैं। दाने शरीर पर ओस के दाने के समान होते हैं। इस बीमारी से बचाव का टीका उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यह एक बीमारी है। दैवीय प्रकोप नहीं है ।झाड़-फूंक आदि के चक्कर में समय व्यर्थ ना गवाएं।

चिकन पॉक्स की अवस्था में बच्चों को स्कूल ना भेजें। तला भुना खाना ना खिलाए। कसे हुए कपड़े न पहने। दानों के झड़ने से भी बीमारी फैलती है। अतः बीमारी होने के लगभग 2 सप्ताह तक बच्चों को दूसरे बच्चों के संपर्क में न आने दे। निरीक्षण करने वाली टीम में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा के पी त्रिपाठी,कंट्रोल रूम के चिकित्सा अधिकारी डा राजा भैया तथा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र डुडोली  डा अनिल गुप्ता,माइक्रोबायोलॉजिस्ट डा रोमी सिंह, स्वास्थ्य कार्यकर्ता उमेश यादव शामिल थे। टीम द्वारा लगभग 75 घरों का भ्रमण किया गया।

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