सीएमओ ने की स्वाईन फ्लू से निपटने की तैयारियों की समीक्षा

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बैठक में सभी अस्पतालों के अधीक्षकों को दिये सतर्कता बरतने के निर्देश

लखनऊ। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में लखनऊ के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षकों/अधीक्षिकाओं की एक बैठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नरेंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सीएमओं के द्वारा स्वाईन फ्लू के संक्रमण से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा की गयीं तैयारियों की समीक्षा की।

बैठक में सीएमओ डा. नरेंद्र अग्रवाल ने सभी अधीक्षको  को निर्देशित किया कि वह स्वाइन फ्लू के बारे में सभी को जागरूक करें तथा फीवर ट्रैकिंग को गंभीरता से कराएं। उन्होंने विशेष रूप से नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज, आलमबाग तथा इन्दिरा नगर की अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्वाइन फ्लू के अधिक मामलों के कारण विशेष सतर्कता बरतें तथा बुखार के प्रत्येक रोगी की जांच कराएं एवं स्वाइन फ्लू के जो रोगी इन क्षेत्रों में है उनके घरों के आसपास सौ घरों का निरीक्षण भी कराएं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आश्वस्त किया कि हमारे पास स्वाइन फ्लू के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाएं तथा मास्क उपलब्ध हैं। उन्होने कहा कि इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। बैठक में संचारी रोग नियंत्रण के नोडल अधिकारी डॉक्टर के पी त्रिपाठी ने बताया कि सामान्य बुखार ,सर्दी जुकाम, खांसी के मरीज इलाज से 5 /6 दिन में ठीक हो जाते हैं।

ऐसे मरीजों को चाहिए कि वे अपने को स्वाइन फ्लू का मरीज न समझे ,ना ही घबराए और ना ही जांच के लिए भटके। लेकिन उपरोक्त लक्षणों के साथ गले में तेज चुभन के साथ दर्द ,सांस फूलना, खांसी के बाद सीने में दर्द, नाखून नीले पड़ना आदि लक्षण मिलते ही जनपद के किसी राजकीय चिकित्सालय यथा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय, बलरामपुर चिकित्सालय ,डॉक्टर राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में दिखाएं। यदि जांच की आवश्यकता होगी तो चिकित्सक स्वयं जांच हेतु सैंपल  एकत्र कराएंगे।

चिकित्सक सैंपल को जांच हेतु माइक्रोबायोलॉजी विभाग केजीएमयू एवं वायरोलॉजी विभाग एसजीपीजीआई में से किसी एक जगह भेजेंगे एवं आवश्यक दवाएं देंगे। जांच रिपोर्ट में पॉजीटिव आने की दशा में संबंधित चिकित्सालय के चिकित्सक दवा उपलब्ध कराएंगे एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर पर गठित टीम के सदस्य उनके आवास पर जाकर औषधि एवं स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करेंगे।

जांच धनात्मक आने पर उसकी रिपोर्ट सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ ही संबंधित चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सा अधीक्षक को ईमेल पर उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे बचाव के लिए जब भी खांसे छींके  अपने मुंह तथा नाक को साफ कपड़े /रुमाल /टिशू पेपर/ मास्क से ढक लें। समय-समय पर अपने हाथों को साबुन तथा गुनगुने पानी से धोते रहें। अपने मुंह तथा नाक को हाथ से न छुए। भीड़ भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें। यदि आपको फ्लू जैसे लक्षण है तो घर पर ही आराम करें।

इनफ्लुएंजा ए h1 n1 (स्वाइन फ्लू )से पीड़ित व्यक्ति से एक हाथ की दूरी अथवा 3 फीट की दूरी से बात करें ,जिससे संक्रमण से बचा जा सके। अधिक से अधिक मात्रा में पानी व द्रव पदार्थ पीएं। अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के लिए ताजा पोषक, स्वास्थ्यवर्धक आहार लें।हरी सब्जियां ,मौसमी फल तथा साइट्रस फलों का अधिक सेवन करें। पूरी नींद ले। उन्होंने आश्वस्त किया कि समस्त राजकीय चिकित्सालय में जांच एवं इलाज की सुविधा मुफ्त उपलब्ध है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने समस्त चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे अपने चिकित्सालयों में स्वाइन फ्लू की दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

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