गरीब व वंचित बच्चों तक निशुल्क च्यवनप्राश पंहुचायेगा डाबर

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सर गंगाराम अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा हर मौसम में फायदेमंद है च्यवनप्राश

लखनऊ। च्यवनप्राश को लेकर ये घारण कि यह सिर्फ ठंड के लिए ही है यह गलत है क्योंकि यह वो टॉानिक है जो बारह महीने फायेदेमंद है और इसका उपयोग शारीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। डाबर अब इस हेल्थ टॉनिक को आश्रयहीन बच्चों तक पंहुचाने की मुहिम में भी जुट गया है इसी क्रम में मंगलवार को राजधानी के श्रीमद् दयानंद बाल सदन के 100 बच्चों को इसे वितरित किया गया। डाबर इन बच्चों को पूरे एक साल तक ​निशुल्क च्यवनप्राश उपलब्ध करायेगा।

डाबर की इस मुहिम में उनके साथ दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डा. परमेश्वर अरोड़ा ने बताया कि लोगों की धारणा बन गयी है कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मल्टी विटामिन लेने से काम चल जाता है पर ऐसा नही है प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम विटामिन सी का होता है और विटामिन सी आॅवले में और चीजों की तुलना में बीस फीसदी अधिक होता है और इसी आॅवले से ही च्यवनप्राश तैयार किया जाता है।

डा. अरोड़ कहते हैं कि आॅवला और च्यवनप्राश दोनों हर मौसम में फायदेमंद हैं। उन्होने कहा कि जब मौसम में परिवर्तन होता है तो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ता है और च्यवनप्राश शरीर की इम्युनिटी बनाये रखता है।

उन्होने कहा कि डाबर च्यवनप्राश का सेवन न केवल हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर हमें इस सीजन में प्रायः होने वाली खांसी, जुकाम जैसी बीमारियों से बचाता है बल्कि हमारे शरीर के अनेक अंगों की क्रियाओं को अच्छा करता हुआ शरीर को बलशाली भी बनाता है।

उन्होने बताया कि डाबर का प्रमुख हेल्थकेयर ब्रांड डाबर च्यवनप्राश ने आज देशभर में स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक मेगा जागरूकता पहल की शुरूआत की घोषणा की। 

डाबर इंडिया लिमिटेड के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस हेड-ब्यास आनन्द ने कहा डाबर च्यवनप्राश 100 से अधिक वर्षों से हर भारतीय को सबसे मजबूत प्रतिरक्षा प्राप्त करने में मदद के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल इस प्रतिबद्धता की दिशा में एक छलांग है।

हम शीतलहर के बारे में चिंतित हैं जो हर साल कई जान ले लेती है। इस पहल के माध्यम से, हम इन बच्चों को च्यवनप्राश प्रदान करने के अलावा प्रतिरक्षा के महत्व को उजागर करके वंचित बच्चो को सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास करेंगे। इस अभियान के तहत, डाबर च्यवनप्राश भारत के 12 शहरों लखनऊ, वाराणसी, अमृतसर, जयपुर, अहमदाबाद, कोलकाता, पटना, भोपाल, रायपुर, पुणे, नागपुर और चंडीगढ़ के अग्रणी गैरसरकारी संगठनों के साथ हाथ मिला चुके हैं।

 

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