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मातृत्व सुरक्षा योजना की केजीएमयू ने उड़ाई धज्जियां ?

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स्वास्थ्य के समाचार/ HEALTH NEWS

डाक्टरों की लापरवाही ने ली महिला की जान

 

लखनऊ। योगी सरकार के स्वास्थ्य संबंधी दावे और वादे पूरी तरह से फेल होते नजर आ रहे हैं। जहां पीएम नरेंद्र मोदी आयुष्मान भारत की बातें करते नजर आ रहे हैं, वहीं लापरवाह अधिकारी और डाक्टर पीएम मोदी और सीएम योगी के दावों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला राजधानी लखनऊ का है जहां केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में डाक्टरों की लगातार लापरवाही देखने को मिल रही है। बता दें कि बाराबंकी से आए मरीज की डाक्टरों की लापरवाही की वजह से मौत हो गई।

 

 

 

 

हद तो तब हो गई जब मरीज की मौत के बाद ट्रामा सेंटर के डाक्टरों ने तीमारदारों से शव देने के लिए धन उगाही शुरू कर दी। तीमारदार जब डाक्टरों को पैसा देने से मना किया तो डाक्टरों ने उनके साथ मारपीट की और जेल भिजवाने की धमकी तक दे डाली। इस घटना की जानकारी  के बाद कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों से खुद को ट्रामा का अधीक्षक  बताने वाले  यू.वी. मिश्रा ने  अभद्रता की, यहां तक वो मीडियाकर्मियों से हाथापाई करने पर उतर आए।

 

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बताया जा रहा है कि बाराबंकी से आई 29 वर्षीय महिला क्वीन मैरी में भर्ती हुई थी जिसकी डिलिवरी होनी थी, लेकिन डाक्टरों ने महिला की डिलिवरी का समय पूरा होने से पहले ही 7वें महीने पर ही ऑपरेशन कर दिया। जिसमें महिला की हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद महिला को आनन-फानन में ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। लेकिन ट्रामा सेंटर में डाक्टरों ने इलाज करने के बजाए तीमारदारों से धन उगाही शुरु कर दी। तीमारदारों का आरोप है कि डाक्टरों ने इलाज करने के बजाए उनको जांच करवाने में उलझाए रखा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रामा में डायलिसिस के लिए भी पैसों की मांग करी गई ना देने पर परिणाम भुगतने की बात कही।

 

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इस पूरे मामले पर जब केजीएमयू प्रशासन के बात करनी चाही तो अधिकारी और डाक्टर कैमरे से कतराते नजर आए। बता दें कि इस तरह की लापरवाही ट्रामा सेंटर में लगातार देखने को मिल रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिससे कि ट्रामा सेंटर के डाक्टरों के हौसले बुलंद हैं।

 

 

 

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