loader

विश्व आत्महत्या बचाव दिवस : ऐसे रखें खुद को खुश ताकि सुसाइड का ख्याल भी न आए

Foto

Health news/स्वास्थ्य के समाचार

 

सोमवार यानि 10 सितंबर को 'वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे'(विश्व आत्महत्या बचाव दिवस ) है। नेशनल क्राइम रेकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के डेटा के मुताबिक पिछले 10 वर्षों में देशभर में आत्महत्या के मामले 17.3 प्रतिशत तक बढ़े हैं जो बेहद खतरनाक है। इस दौरान मनोचिकत्सकों ने बताया कि आपको जो अच्छा लगता है वह करें। खुलकर हंसे, खुलकर अपनी बात रखें। बेवजह तनाव लेने और उसे किसी से शेयर नहीं करने पर हम कई बार ऐसे मुकाम पर पहुंच जाते हैं, जो जिंदगी के लिए खतरनाक होता है। 

 

यह भी पढ़ें- अगर आपमें ये लक्षण हैं तो जाएं सावधान, हो सकती है भूलने की बीमारी

 

मनोचिकित्सक डॉ. अनिल निश्चल ने बताया कि कुछ लोग क्षणिक और कुछ लोग मानसिक तनाव की वजह से आत्महत्या करते हैं। जो लोग मानसिक तनाव से ग्रस्त हैं, उनको चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए। जो लोग तुरंत गुस्से में आकर आत्महत्या जैसे कदम उठाते हैं, उनको लोगों से मिलकर अपना सुख-दुख बांटना चाहिए। वहीं परिवार केंद्र काउंसलर आजाद हनीफ, काउंसलर डॉ. राजेश पांडेय ने बताया कि अपनी समस्याओं को सोचने के बजाए, उन्हें लिखने की कोशिश करें। 

 

यह भी पढ़ें- इन्हें आजमाएं, तत्काल दूर होगी अनिमिया की शिकायत...



ऐसे बनाएं खुद को टेंशन फ्री 
-सही लाइफस्टाइल का चुनाव करें। 
-हेल्दी खानपान, शारीरिक व्यायाम को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं। 
-जिंदगी के प्रति संतुलित नजरिया रखें। अच्छा और बुरा दोनों ही जिंदगी के पहलू हैं। 
-अपनी गलतियों से सीखें। नकारात्मक सोच का जरिया न बनाएं। 
-अपने शौक को जिंदगी का हिस्सा बनाएं। अपने भीतर के बच्चे को जिंदा रखें। 
-खुलकर हंसे, खुलकर मुस्कुराएं और अपनी बातों को शेयर करें। 
-अपनी क्षमता के हिसाब से करियर और रिश्तों का चुनाव करें। 
-समस्याओं को सोचने के बजाए, उन्हें लिखने की कोशिश करें। 
-स्ट्रेस बस्टर टेक्निक का सहारा लें। 

 इनसे बनाएं दूरी 
-आभासी दोस्तों की बजाए असल दोस्त बनाएं। 
-अपने लक्ष्य बनाते समय अपनी क्षमताओं को आंकें। 
-परिवार को बराबर अहमियत दें। छोटी से छोटी बात भी उनसे छिपाने की कोशिश न करें। 
-परेशानियां क्षणिक होती हैं। परेशानियों को चुनौती की तरह लें।

leave a reply

स्वास्थ्य

Live: ख़बरें सबसे तेज़

प्रमुख श्रेणी