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अपने विवादित बयान पर तिब्बती धर्म गुरू दलाई लामा ने मांगी माफी

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 भारत के समाचार 

 

नई दिल्ली। तिब्बतियों के अध्यात्मिक गुरू दलाई लामा ने नेहरू-जिन्ना को लेकर दिए बयान पर विवादों में घिर गए हैं, आखिरकार उन्हें अपने कहे हुए शब्द वापस लेनें पड़े। दलाई लामा भारतीय राजनीति पर यूं तो काफी सोच समझ कर बोलते हैं। लेकिन इस बार जब बोले तो विवाद उभर आया। कांग्रेस पार्टी ने नेहरू को लेकर दलाई लामा के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई।  

 

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तिब्बत की निर्वासित सरकार ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि दलाई लामा के इस  बयान को भारतीय राजनीति से जोड़कर न देखा जाए। उन्होंने जो भी बोला वह छात्रों से वार्तालाप के दौरान गैर राजनैतिक तौर पर ही बोला था। उधर विवाद बढ़ता देख दलाई लामा को सामने आना पड़ा। नेहरू- जिन्ना पर दिये अपने बयान के संदर्भ में सफाई देते हुये दलाई लामा ने माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि, अगर मेरा बयान गलत था, तो मैं उसके लिए माफी मांगता हूं। 

 

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आपको बता दें , बीते बुधवार को दलाई लामा ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि महात्मा गांधी चाहते थे कि मोहम्मद अली जिन्ना देश के शीर्ष पद पर बैठें लेकिन  प्रधानमंत्री बनने के लिए जवाहरलाल नेहरू ने आत्म केंद्रित रवैया अपनाया था। दलाई लामा के इस बयान पर काफी हंगामा हुआ था। कई राजनीतिक दलों ने इस बयान पर आपत्ति जताई थी।

 

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तिब्बती गुरू का कहना था कि मेरा मानना है कि सामंती व्यवस्था के बजाय प्रजातांत्रिक प्रणाली बहुत अच्छी होती है। सामंती व्यवस्था में कुछ लोगों के हाथों में निर्णय लेने की शक्ति होती है, जो बहुत खतरनाक होता है। उन्होंने कहा, अब भारत की तरफ देखें। मुझे लगता है कि महात्मा गांधी, जिन्ना को प्रधानमंत्री का पद देने के बेहद इच्छुक थे लेकिन पंडित नेहरू ने इसे स्वीकार नहीं किया।
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