अफजल गुरु के बेटे को भारतीय होने पर गर्व है!

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National News / राष्ट्रीय समाचार

नई दिल्ली। 2001 में संसद पर हुए हमले का मास्टर माइंड अफजल गुरु के बेटे गालिब गुरु को भारतीय होने पर गर्व है। गालिब गुरु ने कहा कि पिता को फांसी दिए जाने के बाद उन्हें बदला लेने के लिए ​काफी उकसाया गया लेकिन उनकी मां ने उन्हें आतंकवादी बनने से बचा लिया।

18 साल के गालिब ने बताया कि उनके पास आधार कार्ड पहले से ही है। उन्होंने भारतीय पासपोर्ट की मांग की है ताकि वह इंटरनेशनल मेडिकल स्कॉलरशिप हासिल कर सकें। गालिब ने कहा कि मौका मिला तो वह भारतीय मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाएं देंगे। अफजल गुरु की पत्नी तबस्सुम और बेटा गालिब गुलशनाबाद में रहते हैं। 

मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे गालिब ने कहा कि अगर उन्हें भारत के किसी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं मिला तो वह उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना चाहेंगे। उन्होंने कहा, 'पिता अपनी मेडिकल की पढ़ाई पूरी नहीं कर सके थे। जो काम पिता नहीं कर सके थे उसे मैं पूरा करना चाहता हूं।'

गालिब ने उसे आतंकी संगठन से बचाने का श्रेय अपनी मां को दिया। उन्होंने बताया कि गालिब के पिता की फांसी के विरोध में युवाओं को हथियार उठाने के लिए भड़काया था। पुलवामा हमले को अंजाम देने वाला आदिल अहमद डार भी इसी कड़ी का हिस्सा था। 

एक प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी के साथ बातचीत में गालिब ने बताया कि उसे सुरक्षाबलों से कभी किसी तरह के शोषण का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा, 'जब मैं सुरक्षाबलों से मिलता हूं तो वह मुझे प्रोत्साहित करते हैं। वह मुझसे कहते हैं कि यदि मैं मेडिकल की पढ़ाई करना चाहता हूं तो वह कभी मुझे या मेरे परिवार में हस्ताक्षेप नहीं करेंगे।'

बता दें कि अफजल गुरु 13 दिसंबर 2001 को संसद भवन में हुए आतंकी हमले का मास्टर माइंड था। इस हमले में संसद भवन के गार्ड और दिल्ली पुलिस के जवानों समेत कुल 9 लोग शहीद हो गए थे।

हमले के बाद उसे गिरफ्तार कर केस चलाया गया था जिसमें उसे मौत की सजा सुनाई गई थी। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने उसी के नाम से अफजल गुरु सुसाइड स्क्वॉड बनाया हुआ है। इसमें आत्मघाती हमलावरों को शामिल किया जाता है।

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