पुण्यतिथि : संविधान निर्माता और पिछड़े वर्गों के मसीहा थे अंबेडकर

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National News / राष्ट्रीय समाचार

नई दिल्ली। भारत रत्‍न बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के 63वें महापरिनिर्वाण दिवस पर आज राष्‍ट्र उन्‍हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद संसद भवन परिसर में बाबा साहेब की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और अन्‍य गण्‍यमान्‍य नेता भी संविधान निर्माता डॉक्‍टर अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने बाबा साहब को याद करते हुए कहा, 'देश हमेशा संविधान के वास्तुकार का आभार रहेगा। उनका ज्ञान हर समय हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।' नायडू ने ट्वीट कर लिखा, 'हमारे संविधान के शिल्पी, अर्थशास्त्री, विधिवेत्ता, शिक्षाविद् तथा समाज विचारक अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर सादर श्रद्धंजलि अर्पित करता हूं। संकुचित भेदभाव से परे हम एक मानवीय सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण का संकल्प लें।

आज देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नई दिल्‍ली के संसद भवन परिसर में आज बड़ी संख्‍या में लोग आते है और बाबा साहिब की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं। लोग सुबह साढ़े नौ बजे से 11 बजे तक पुष्‍पांजलि अर्पित कर सकते हैं। इस दौरान किसी भी आगंतुकों को बैग, मोबाइल, कैमरा, झंडे, लाठी, बैनर के अलावा किसी भी अन्‍य आपत्तिजनक वस्‍तुओं को लाने की अनुमति नहीं होगी। 

अंबेडकर की भारत के संविधान निर्माण में अहम भूमिका रही है। उनकी अध्‍यक्षता में कमेटी ने भारत के संविधान को बनाया था। अंबेडकर ने देश के लिए सर्वोच्‍च न्‍यौछावर किया और उनकी सोच सर्वोव्‍यापी और सर्वोस्‍पर्शी थी। देश में सद्भावना, समता और समरसता का वातावरण बनाने की दृष्टि से उन्‍होंने बहुत योगदान दिया था।

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