CBI रिश्वत मामला : केंद्र की सख्ती, अलोक-अस्थाना की छुट्टी

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National News / राष्ट्रीय समाचार

नई दिल्ली। CBI के आला-अधिकारियों के बीच छिड़ी जंग जारी है। इस बीच केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए CBI मुखिया आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजा दिया है। आलोक वर्मा की जगह एम. नागेश्वर राव को अं​तरिम डॉयरेक्टर का कार्यभार सौंपा गया है। इसके साथ ही दो अन्य अधिकारियों मनीष सिन्हा और एके शर्मा को भी उनके पद से हटा दिया गया है। 

कौन है एम. नागेश्वर राव-

नए अंतरिम डायरेक्टर नागेश्वर राव CBI में अभी जॉइंट डॉयरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। नागेश्वर राव 1986 बैच के ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी है और तेलंगाना के वारंगल जिले के रहने वाले है। राव को तत्काल प्रभाव से सीबीआई के डायरेक्टर पर की जिम्मेदारियां और कार्यभार संभालने के लिए कहा गया है। इसके बाद उन्होंने सीबीआई के ऑफिस में छापेमारी की है।

अस्थाना को अंतरिम राहत-

मंगलवार को CBI स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत दी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि 29 अक्टूबर तक उन पर कोई भी तत्काल कार्रवाई न करने का आदेश दिया हैं। CBI के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने अपने खिलाफ जाँच एजेंसी की तरफ से दर्ज की गई FIR को रद्द कराने के लिए उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दी थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने राकेश अस्थाना के आरोपों पर CBI से जवाब मांगा है।

सीबीआई कस्टडी में देवेंद्र कुमार-

रिश्वत मामला में कोर्ट ने CBI के डीएसपी देवेंद्र कुमार को 7 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेजा है। सोमवार (22 अक्टूबर) को सीबीआई ने अपने ही ऑफिस में डीएसपी देवेंद्र कुमार के चैंबर में छापेमारी की। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। देवेंद्र कुमार ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती दी है। साथ ही उसे गैरकानूनी करार देते हुए इसे खत्म करने के लिए याचिका दाखिल की थी। कोर्ट में सीबीआई ने डीएसपी देवेंद्र कुमार की 10 दिन की रिमांड मांग की। सीबीआई ने कहा कि जांच के नाम पर उगाही का धंधा चल रहा है।

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