CBI निदेशक पद से हटाये जाने के बाद आलोक वर्मा का इस्तीफा

Foto

National News / राष्ट्रीय समाचार

नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा ने सेवा से इस्तीफा दे दिया है। आलोक वर्मा का सीबीआई से तबादला कर फायर सेफ्टी विभाग का डीजी बनाया गया था। लेकिन आलोक वर्मा ने पद संभालने से इंकार कर कर दिया। 

आलोक वर्मा के इस्तीफे पर कांग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि सरकार बेनकाब हो गई है। सीबीआई विवाद पर प्रेस वार्ता करते हुए नेता अभिषेक मनु सिंधवी ने कहा कि ये पूरा कारनामा सरकार ने अपने आप को राफेल या अन्य आरोपों से बचाने के लिए अंजाम दिया है।

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंधवी ने कहा अस्थाना के आरोपों के आधार पर समिति ने आलोक वर्मा को निदेशक पद से हटाया, जबकि हाई कोर्ट ने अस्थाना की याचिका को ख़ारिज कर उनके ख़िलाफ़ जाँच समयबद्ध तरीक़े से पूरा करने का आदेश दिया है।

कांग्रेस ने कहा कि सीबीआई निदेशक के ख़िलाफ़ सीवीसी रिपोर्ट में 10 में से 6 आरोप निराधार माने गये हैं। और 4 आरोप भविष्य की जाँच के लायक़ माने गये हैं। आगे कहा कि सरकार द्वारा सीवीसी के कार्यालय का दुरुपयोग किया गया है।

सीबीआई पूर्व निदेशक का एक दिन पहले ही सीबीआई प्रमुख पद से हटाया गया है। पद से हटाए जाने के दो दिन पहले ही शीर्ष अदालत ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए उन्हें छुट्टी पर भेजने के केंद्र सरकार के फैसले को खारिज कर दिया था।

सरकार ने सीबीआई डिप्टी निदेशक नागेश्वर राव को एजेंसी का अंतरिम निदेशक नियुक्त किया है। पद संभालते ही राव ने वो सभी तबादले रद्द कर दिए जो आलोक वर्मा ने दिया था।

यह भी पढ़ें: 24 घण्टे में फिर हटाये गये सीबीआई चीफ आलोक वर्मा

यह भी पढ़ें: 32वीं जीएसटी काउंसिल बैठक : सरकार ने दिया कारोबारियों को तोहफा 

leave a reply

भारत के समाचार

Live: ख़बरें सबसे तेज़

प्रमुख श्रेणी