सपा-बसपा को पीछे छोड़ चंद्रबाबू नायडू निकले दस कदम आगे, कुछ पाने की आस में की दोस्ती

Foto

अमरावती। सत्ता का स्वार्थ किसको कहां पहुंचायेगा कहा नहीं जा सकता है। हाल ही में आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देने के कारण पीएम मोदी सरकार से अलग हुए चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि बीजेपी से गठबंधन करके हमें कुछ भी हासिल नहीं हुआ। अब उनके इस बयान से क्या उम्मीद लगाई जाये। क्या वह भी यूपी की तरह से सपा-बसपा की तर्ज पर निकल पड़े हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को पार्टी नेताओं के साथ एक बैठक में ये बातें खुद कही है। वहीं मोदी सरकार से अलग होने के बाद तेलगु देशम पाटी(टीडीपी) के दो केंद्रीय मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को टीडीपी के दोनों केंद्रीय मंत्रियों पी.अशोक गजपति राजू और वाई.एस. चौधरी का इस्तीफा मंजूर भी कर लिया। 

वोटों के लिए कोई भी कदम उठा सकते हैं नायडू

दूसरी ओर अब चंद्र बाबू नायडू ने बैठक के दौरान कहा कि टीडीपी ने साल 2014 में अकेले चुनाव लड़े थे, जिसमें बेहतर प्रदर्शन किया था। जिसके बाद उन्होंने बीजेपी से गठबंधन कर चुनाव लड़े। जिसमें विधानसभा और आम चुनाव में पार्टी को बहुत ज्यादा फायदा नहीं हुआ। इसके बाद अब लोग कयास लगाने लगे हैं कि क्या नायडू भी वोटों के लिए कुछ भी कर सकते हैं।  

जनता के गले नहीं उतर रहा नायडू का अलगाव

नायडू ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक प्रगति की निगरानी के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की टीम गठित की है। उन्हें अब पार्टी को नुकसान होने का आभास भी लग रहा है। क्योंकि दिल्ली में टीडीपी के लोकसभा सदस्य जे.सी. दिवाकर. रेड्डी ने कहा कि पार्टी बीजेपी से अलग हो गई है। लेकिन जनता के गले अब यह बात नहीं उतर रही है कि आखिर नायडू ने बीजेपी से गठबंधन क्यों किया था? सूत्रों के अनुसार नायडू की इन हरकतों से जनता अब खुद परेशानी महसूस कर रही है। जिसका उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।  

leave a reply

भारत के समाचार

Live: ख़बरें सबसे तेज़

प्रमुख श्रेणी