सीएम ममता का मोदी सरकार पर हमला, पश्चिम बंगाल को गुजरात बनाने की योजना

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भारत के समाचार/ India news

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में लगातार हो रही हिंसा को लेकर केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के बीच विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दरअसल, पश्चिम बंगाल में बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान से ही हिंसा का खेल शुरू है। कुछ दिनों पहले बीजेपी का झंडा उतारने को लेकर टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं में झड़प हुई थी। जिसमें 4 बीजेपी कार्यकर्ताओं की ​फायरिंग में मौत हो गई थी। वहीं, पांच बीजेपी के कार्यकर्ता लापता बताए गए थे। टीएमसी ने भी अपने एक कार्यकर्ता के मौत की बात कही थी। यहां सीएम ममता का आरोप है कि यह सब बीजेपी के इशारे पर हो रहा है। बीजेपी भी बंगाल में हो रही हिंसा की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर आरोप लगा रही है। आरोप प्रत्यारोप के बीच सीएम ममता ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। 

सीएम ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल को गुजरात बनाने की कोशिश की जा रही है। वह राज्यपाल का सम्मान करती हैं। लेकिन संवैधानिक पदों की कोई सीमा होती है। बंगाल के अकारण ही बदानाम किया जा रहा है। यदि आप बंगाल की संस्कृति को बचाने के लिए हैं, तो साथ आएं। बंगाल को गुजरात बनाने की योजना नहीं बनाएं। बंगाल राज्य गुजरात नहीं है। गौरतलब है कि चुनाव के दौरान हिंसा में कोलकाता में कॉलेज स्ट्रीट के हरे स्कूल ग्राउंड में ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ दी गई थी। उनकी प्रतिमा का आज अनावरण किया गया। टीएमसी और बीजेपी ने एक दूसरे पर मूर्ति तोड़ने का आरोप लगाया था। 

बंगाल में सियासी खूनी संघर्ष में 72 घंटों के भीतर 8 हत्याएं हो चुकी हैं। यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। यहां तक कि केन्द्रीय गृहमंत्रालय ने राज्य सरकार को एडवायजरी जारी करते हुए हिंसा पर रोक लागने को लेकर राज्य सरकार को नाकाम बताया था। साथ ही हिदायद दी थी कि हिंसा को रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठाए। हालांकि, केन्द्र सरकार के एडवायजरी का खंडन करते हुए कहा गया था कि राज्य में कुछ अराजक तत्व इस तरह की हरकतों को अंजाम दे रहे। सकरार उनसे निपटने में सक्षम है और स्थिति नियंत्रण में है। 

बताते चलें कि गत शनिवार को बशीरहाट हिंसा में चार लोगों की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बीजेपी और आरएसएस के दो कार्यकर्ताओं का शव पेड़ से लटकता मिला था। सोमवार को   उत्तर 24 परगना के कांकीनारा इलाके में बम धमाका हुआ। इससे लोगों में यहां पर दहशत बना हुआ है। धमाके में भी दो की मौत हो गई थी। वहीं, चार लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। बताया जा रहा कि मरने वाले टीएमसी के कार्यकर्ता थे। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है। भाजपा कार्यकर्ता समातुल दोलुई का शव पेड़ से लटका मिला था। यही नहीं एक दिन पहले ही आरएसएस के वरिष्ठ नेता स्वदेश मन्ना का शव भी पेड़ से लटकता मिला था। बीजेपी का आरोप है कि भगवान श्रीराम के नारे लगाने को लेकर इस तरह की वारदात को अंजाम दिया गया।

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