नोटबंदी का लाभ किसकी जेब में : अखिलेश यादव

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National News / राष्ट्रीय समाचार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने दो साल पहले यह ऐलान किया था कि 1000 और 500 रुपये की करेंसी को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस ऐलान के साथ ही उन्होंने यह दावा भी किया कि इस कदम से कालेधन पर लगाम लगेगी और नकली करेंसी को पकड़ने में भी मदद मिलेगी। 

8 नवंबर 2016 को किए गए इस ऐलान के दो साल पूरे होने पर विपक्ष ने मोदी सरकार पर हमला किया है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर सरकार पर तंज कसा है। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इसे क्रूर षड्यंत्र करार दिया। 

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, '50 दिन माँगे थे और अब 2 साल भी पूरे हो गये लेकिन जनता अभी भी इस सवाल का जवाब पाने का इंतज़ार कर रही है कि नोटबंदी से काम-कारोबार के चौपट होने और बेकारी-बेरोज़गारी बढ़ने के सिवाय और क्या मिला? अगर सरकार इसे सफल मानती है तो ये बताए कि इसका लाभ किसकी जेब में गया।'

कांग्रेस अध्यक्ष ने नोटबंदी पर ट्वीट करते हुए लिखा, 'नोटबंदी सोच-समझ कर किया गया एक क्रूर षड्यंत्र था। यह घोटाला प्रधानमंत्री के सूट-बूट वाले मित्रों का काला-धन सफेद करने की एक धूर्त स्कीम थी। इस कांड में कुछ भी मासूम नहीं था। इसका कोई भी दूसरा अर्थ निकालना राष्ट्र की समझ का अपमान है।'

इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी मोदी सरकार पर हमला बोला था। मनमोहन सिंह ने कहा था कि नोटबंदी का देश और समाज पर बुरा असर हुआ और इसका प्रभाव आज भी दिख रहा है। दूसरी तरफ ममता बनर्जी ने इसे बड़ा घोटाला करार दिया और कहा कि यह देश की जनता के साथ धोखा है।

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