दुल्हन को गोद में उठाकर मामा ने ऐसा क्या किया, जारी कर दिया फतवा

Foto

भारत के समाचार/National News

 

नई दिल्ली। दारुल उलूम देवबंद अपने अजीबोगरीब फतवे के कारण हमेशा सुर्खियों में बना रहता है। अब देवबंद ने विवाह के दौरान दुल्हन को गोद में उठाने पर फतवा जारी किया है। बताते चलें कि पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड में विवाह के बाद कुछ इस तरह की परंपरा है कि दुल्हन को मामा गोद में उठाता है। इसके बाद गोद में लेकर ही डोली में बिठाता है। लेकिन देवबंद को यह परंपरा नागवार गुजरी है और इसे गैरइस्लामिक करार देते हुए फतवा जारी कर दिया है। देवबंद ने इस प्रथा को खत्म करने की बात भी कही है। 
                

 

आ सकती है काम वासना

 

देवबंद दारुल उलूम की सोच इतनी घिनौनी है कि यहां तक कह डाला इस परंपरा को निभाते समय मामा या भांजी में काम वासना जाग सकती है। फतवा जारी करते हुए देवबंद ने कहा कि यह रिश्ता बेहद ही पवित्र होता है। विदाई के समय चाहिए कि दुल्हन को उसकी मां डोली तक लेकर जाए। लेकिन हैरान करने वाली बात है कि देवबंद दारुल उलूम एक तरह मामा भांजी के रिश्ते को पवित्र भी बता रहा है और दूसरी ओर घिनौनी सोच रखकर फतवा भी जारी कर रहा है।  

 

 

शरीयत में गलत

 

फतवे के मुताबिक विवाह के समय तक भांजी बड़ी हो जाती है। इस उम्र में मामा को गोद में उठाना गलत है। शरीयत भी इस तरह की परंपरा को स्वीकार नहीं करता। परंपरा निभाते वक्त मामा और भांजी के मन में काम वासना आ सकती है। यह परंपरा समाप्त कर दिया जाना चाहिए। वहीं, देवबंद ने विवाह की तारीख के लिए लाल खत के प्रयोग को भी गलत ठहराया है। लाल खत की जगह पत्र का प्रयोग करना चाहिए या फिर फोन पर भी जानकारी दे सकते हैं।  

 

यह भी पढ़ें...मॉडल से दरोगा ने किया था घिनौना कांड, अब रिश्वत का केस दर्ज

 

यह भी पढ़ें...मां ने बेटी के साथ किया घिनौना काम, सच्चाई जान उड़ जाएंगे होश

leave a reply

भारत के समाचार

Live: ख़बरें सबसे तेज़

प्रमुख श्रेणी