गगनयान से पहले जानवरों को अंतरिक्ष में नहीं भेजेगा इसरो

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नई दिल्ली। इसरो 2022 में 'गगनयान' से पहले दो प्रायोगिक उड़ानों के लिए जरिये अपनी तैयारियों को परखेगा। लेकिन इनमें जानवर या किसी जीवित व्यक्ति का इस्तेमाल नहीं होगा। वहीं बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा कि इसमें जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों का चयन भारतीय वायुसेना करेगी। इसरो चेयरमैन के. शिवन ने बताया कि भेजे जाने वाले राकेट में विभिन्न स्थितियों की निगरानी और सूचना भेजने वाले सभी सिस्टम मौजूद होंगे। इन्हें जो आंकड़े प्राप्त होंगे, उनका यह बेहतर सदुपयोग कर सकेंगे। ऐसी स्थिति में किसी भी जीवित प्राणी को रॉकेट के साथ भेजने का औचित्य नहीं बनता है।

 

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बता दें कि इसरो रॉकेट के माध्यम से किसी व्यक्ति को अंतरिक्ष में भेजने से पहले इसकी जीवन रक्षक प्रणाली को जांचने के लिए किसी जानवर को अंतरिक्ष में भेजता है। शिवन ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी ने इस अभियान के दौरान आने वाले खर्च की प्रस्तावित योजना (लगभग 9000 करोड़) सरकार को सौंप दी है। शिवन के मुताबिक अभियान में पैसों की कमी आड़े नहीं आएगी, क्योंकि स्वयं प्रधानमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी योजना का एलान किया है।

 

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उधर, इंडियन सोसाइटी ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन (आइएसएएम) के तीन दिवसीय 57 वें वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन भाषण में वायुसेना प्रमुख धनोआ ने कहा कि पहले अंतरिक्ष यात्रियों के चयन में एयरोस्पेस चिकित्सा संस्थान शामिल था, लेकिन अब यह हम करेंगे। इसी मुद्दे पर आइएएम कमांडेंट एयर कोमोडोर अनुपम अग्रवाल ने कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों के चयन के लिए कम से कम 12 से 14 महीने चाहिए। अंतरिक्ष यात्रियों को इसके लिए तैयार करना बड़ी चुनौती होगी।

 

 

 

 

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