निर्मल गंगा का अधूरा सपना लेकर अलविदा कह गए पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल

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नई दिल्ली। गंगा को निर्मल बनाने का अधूरा सपना लेकर वैज्ञानिक से संयासी बने स्वामी सानंद इस दुनिया को अलविदा कह गए। मशहूर पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल पिछले 112 दिनों से अनशन पर थे। गुरुवार (11 अक्टूबर) दोपहर बाद एम्स में उनका निधन हुआ। स्वामी सानंद 22 जून से गंगा की सफाई के लिए अनशन पर बैठे थे। बुधवार (10 अक्टूबर) को पुलिस ने उन्हें जबरन हरिद्वार से उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया था। 86 साल की उम्र में जीडी अग्रवाल का निधन हुआ। स्वामी सानंद के निधन के बाद मातृ सदन आश्रम के परम अध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने सरकार पर हत्या का आरोप लगाया है।

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स्वामी सानंद गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए बांधों के निर्माण का विरोध कर रहे थे। इस संदर्भ में उन्होंने केंद्र सरकार से बार-बार आग्रह भी किया था लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। 22 जून से अनशन पर बैठे स्वामी सानंद ने मंगलवार को जल भी त्याग दिया था। बता दें कि स्वामी सानंद ने बीते 22 अप्रैल को काशी में कहा था कि जब मां के आचल को साफ नहीं कर सका तो ऐसे जीने का क्या फायदा, अब देह त्याग दूंगा। स्वामी सानंद ने गंगा नदी से जुड़े तमाम मुद्दों पर सरकार को कई बार आगाह किया था।

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इसी साल फरवरी में उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह मांग की थी कि गंगा के लिए अलग से कानून बनाए जाएं। कोई जवाब न मिलने पर स्वामी सानंद अनशन पर बैठ गए। इस बीच दो केंद्रीय मंत्री उमा भारती और नितिन गडकरी ने उनसे अनशन तोड़ने की अपील की थी, लेकिन वो नहीं माने। मालूम हो कि गंगा नदी के मुद्दे पर ही 2011 में 115 दिन के अनशन के बाद स्वामी निगमानंद ने भी दम तोड़ दिया था।

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