मो० शमी० के बाद अब हार्दिक पांड्या फंसे क़ानूनी मुश्किल में, जोधपुर अदालत ने उनके खिलाफ केस दर्ज करने का दिया आदेश

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भारतीय आलराउंडर हार्दिक पांड्या के खिलाफ कोर्ट के आदेश के बाद एक आपराधिक मामला दर्ज होने जा रहा है। 

मामला पिछले साल 26 दिसंबर का है जब हार्दिक ने को एक ट्वीट किया और पूछा था , 'कौन आंबेडकर?' जोधपुर की एक अदालत ने डॉक्टर बीआर आंबेडकर के ख़िलाफ इसी कथित ट्वीट को लेकर  केडीआर मेघवाल की याचिका पर हार्दिक पांड्या के ख़िलाफ़ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का आदेश किया है।  केडीआर मेघवाल ने पांड्या पर डॉक्टर आंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया था।

कोर्ट के आदेश के अनुसार हार्दिक पर यह मामला एससी/एसटी अत्याचार निवारण क़ानून के तहत दर्ज किया जाएगा। कोर्ट ने जोधपुर की लूणी पुलिस से दंड प्रक्रिया संहिता 156 (3) के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। 

याचिका के मुताबिक पांड्या ने पिछले साल 26 दिसंबर को एक ट्वीट किया और पूछा, 'कौन आंबेडकर?' याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि इस ट्वीट में पांड्या ने आरक्षण को लेकर डॉक्टर आंबेडकर पर कथित रूप से तीखी टिप्पणी की थी।  मेघवाल ने अदालत में क्रिकेटर पांड्या पर यह आरोप भी लगाया की हार्दिक ने ना केवल बाबा साहब आंबेडकर के लिए अपमानजनक बातें ही कहीं वरन इससे उन्होंने समाज में नफ़रत पैदा करने की कोशिश भी की है।

मेघवाल ने अदालत से ये भी कहा कि अगर इसमें किसी ने फ़ेक अकाउंट का इस्तेमाल किया  है तो ये भी गंभीर बात है और इसमें कार्रवाई की जानी चाहिए।

मेघवाल ने कहा, "मुझे इस ट्वीट की जानकारी सोशल मीडिया से मिली, फिर मैंने  क्षेत्र के लूणी पुलिस स्टेशन जाकर पुलिस से कार्रवाई करने को कहा,  लेकिन पुलिस ने कोई भी सुनवाई नहीं की। " मेघवाल ने अदालत से लूणी थाने के तत्कालीन थाना अधिकारी राजेंद्र सिंह के ख़िलाफ भी शिकायत की है।

मेघवाल ने कहा कि बाबा साहब का इस देश के लिए अतुलनीय योगदान है और वो पांड्या की इस तरह टिप्पणी से बहुत आहत हुए हैं और ऐसी टिप्पणी देश के ख़िलाफ़ अपराध है। इस बारे में अभी तक हार्दिक पांड्या का पक्ष सामने नहीं आया है।

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