जब बैंक मैनेजर ही बन बैठा चोरों का सरदार

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पूर्व शाखा प्रबंधक ने चपरासी को लालच देकर दिया था घटना को अंजाम

 

 

 

इकराम अली

शामली। आम जनमानस अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए बैंक का सहारा लेता है, लेकिन अब बैंक अधिकारी ही घोटालों को अंजाम देने लगे हैं। शामली पुलिस के खुलासे ने बैंक अधिकारियों को कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। खुलासे में सात महीने पहले एटीएम इंजीनियर बनकर इंडियन ओवरसीज बैंक के एटीएम से 18 लाख 37 हजार की नकदी चुराने वाला बैंक का ही मैनेजर ओर चपरासी निकले। पुलिस ने चपरासी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि आरोपी मैनेजर अभी फरार चल रहा हैं।

यह वारदात 4 मार्च 2018 को हुई थी। इंडियन ओवरसीज बैंक के एटीएम में दो कैश कैसेट खराब होने पर अधिकारियों ने मेरठ की एनसीआर कंपनी को शिकायत दर्ज कराई थी। 3 मार्च को बैंककर्मी राजीव और धर्मेंद्र गिरी ने एटीएम में 28 लाख रुपए डाले थे। एटीएम की सुरक्षा बैंक जरनेटर ऑपरेटर यशपाल करता था। इसके बाद 4 मार्च को एक व्यक्ति मौके पर पहुंचा, और एटीएम मशीन को खोलने लगा। यशपाल ने पूछताछ की उसने बताया कि वह एनसीआर कंपनी से आया हैं।

 

 

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इसी बीच बन्ती खेड़ा इंडियन ओवरसीज बैंक के मैनेजर रोबिन बंसल भी वहां पहुंच गएI और यशपाल से बात करने लगे। इसके बाद आरोपी युवक एटीएम से 18लाख 37हजार 300 रूपयें की नकदी निकाल कर ले गया था। घटना के विषय में शाखा प्रबंधक नितेश कुमार ने शामली कोतवाली में केस दर्ज कराया था। मामले का खुलासा करते हुए एसपी दिनेश कुमार ने बताया कि आरोपी चेतन निवासी बन्ती खेड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया हैं। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह बनती खेड़ा इंडियन ओवरसीज बैंक में चपरासी हैं।

शामली इंडियन ओवरसीज बैंक के एटीएम से पैसा निकाल कर वहीं ले गया था और बनती खेड़ा शाखा प्रबंधक रोबिन बंसल को दिया था। एसपी ने बताया कि वारदात को शाखा प्रबंधक रोबिन बंसल ने चपरासी से अंजाम दिलाया था। आरोपी मैनेजर पूर्व में शामली शाखा में कार्यरत था। जिस कारण उसे एटीएम का गोपनीय कोड भी मालूम था। दूसरे मैनेजर ने तैनाती के बाद भी कोड नहीं बदला था। जिसका इन लोगों ने फायदा उठा लिया था। 

 

 

 

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शादी के लिए दिया था घटना को अंजाम खुलासे के दौरान आरोपी चेतन ने बताया कि वह अपनी शादी के लिए 1लाख का ऋण लेना चाहता था, लेकिन बन्तीखेडा शाखा प्रबंधक ने उससे कहा कि यदि तुम मेरा कहना मानो तो मैं तुम्हें बगैर ऋण के ही 50हजार रूपये दूंगा। जिसके बाद रोबिन एटीएम खोलने की ट्रेनिंग और गोपनीय कोड भी बताया गया था।

केश लेकर घंटो तक शामली में घूमता रहा चपरासी एटीएम से 18 लाख लाख 37 हजार की नकदी चुराने के बाद चेतन कई घंटे तक शामली में ही घूमता रहा था। आरोपी चेतन ने बताया कि एटीएम से कैश निकालने के बाद वह करीब 4 घंटे तक शामली में ही घूमता रहा। उसके बाद पूर्वी यमुना नहर पटरी के रास्ते गांव मुंडेट कला होते हुए बन्तीखेडा पहुंचा और मैनेजर को केश थमा दिया। बदले में मैनेजर ने तय रकम 50हजार चेतन को दिये।

 

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खुद बचाने की चतुराई घटना के षडयंत्र का रचियता मैनेजर ने खुद को बचाने के लिए चतुराई भी खूब दिखाई थी। 4 मार्च को एटीएम से कैश निकाला गया था, तो रोबिन बंसल भी मौके पर पहुंच गया था। एटीएम की सुरक्षा करने वाले जनरेटर ऑपरेटर यशपाल ने जब रोबिन से कहा कि एटीएम ठीक करने मेरठ से युवक आया है, तो वह दिखावे के लिए आरोपी से भी पूछताछ करने लगा था ऑपरेटर के सामने ही रोबिन खुद को एनसीआर कंपनी मेरठ का कर्मचारी बताया था।

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