आखिर क्या है सदी के सबसे लंबे चंद्र ग्रहण का रहस्य, जाने सिर्फ एम-न्यूज पर

Foto

भारत के समाचार/ NATIONAL NEWS

 

लखनऊ। 21वीं शताब्दी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण 27 जुलाई को पड़ने जा रहा है। बता दें कि यह चंद्र ग्रहण अपने आप में एक अलग ही महत्व रखता है। एम-न्यूज पर जानें आखिर ये चंद्र ग्रहम क्यों है खास, इस ग्रहण की रोमांचकता को करीब से देखने के लिए हमारे पास पूरा मौका है।

27 जुलाई 2018 दिन शुक्रवार को पूरे एशिया, यूरोप के ज्यादा हिस्सों में, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के इलाकों में चंद्र ग्रहण देखा जा सकेगा। अंतरिक्ष वैज्ञानिक और भूगोलशास्त्र में गहरी दिलचस्पी रखने वाले लोग शाम 6 बजे से लाइवस्ट्रीमिंग ऑनलाइन देख सकेंगे।

 

ये भी पढ़ें- ये है कलावे का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

 

यह चंद्र ग्रहण साल 2018 का दूसरा चंद्र ग्रहण है। इससे पहले 31 जनवरी को साल का पहला चंद्र ग्रहण पड़ा था तो तीन घंटे 23 मिनट तक चला था। इस चंद्र ग्रहण को ब्लड मून, ब्लू मून और सुपर मून का भी नाम दिया गया था। ज्सोतिषशास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण के समय कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। चंद्र ग्रहण के 12 घंटे पहले से सूतक लग जाते हैं। इस दिन गुरु पूर्णिमा होने के कारण पूजा ग्रहण के सूतक काल लगने से पहले की जा सकती है। 

 

ये भी पढ़ें- अहिल्यां के मंदिर में अहिला रोग से मिलती है मुक्ती....महिला पंडित कराती हैं...

 

तो इसलिए होता है पूर्ण चंद्र ग्रहण-

पूर्ण चंद्र ग्रहण यदा-कदा ही देखने को मिलता है। यह ग्रहण तब देखने को मिलता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक ही सीध में आ जाये । चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य जब एक ही रेखा में होते हैं और चंद्रमा  पृथ्वी के पीछे गुजर रहा होता है तो उसक पर हमारे ग्रह यानी पृथ्वी की छाया पड़ती है। ऐसे में चंद्रमा दिखाई नहीं देता जिसे पूर्ण ग्रहण कहते हैं। चंद्रमा जब पृथ्वी की छाया से निकल रहा होता है तो यह हल्के लाल रंग का दिखता है जिसे वैज्ञानिकों की भाषा में ब्लड मून कहते हैं।

 

ये भी पढ़ें- बाबा शिव एक माह तक ससुराल में करते है वास...जानें कहां है बाबा शिव की ससुराल

 

इसलिए ज्यादा स्पेशल है यह चंद्र ग्रहण-

इस बार का चंद्र ग्रहण ज्यादा स्पेशल है क्योंकि हमारी पृथ्वी पूरे जुलाई-सितंबर में सूर्य और मंगल के बीच से होकर गुजर रही है। 27 जुलाई को मंगल अपनी बेस्ट पोजिशन पर होगा जोकि 2003 के बाद ऐसी स्थिति बनी है। इस बार मंगल पृथ्वी से सबसे नजदीक और साफ दिखाई देगा जोकि 15 साल बाद होने जा रहा है।


 

 

leave a reply

भारत के समाचार

Live: ख़बरें सबसे तेज़

प्रमुख श्रेणी