महाराष्ट्र में लगी प्लास्टिक पर रोक....

Foto

भारत के समाचार 

 

महाराष्ट्र।  महाराष्ट्र सरकार ने पर्यावरण को सुरक्षित बनाये रखने के लिए बेहद अहम कदम उठाया हैं। सरकार ने प्लास्टिक और थर्माकोल के प्रयोग पर रोक लगा दी हैं। और यह आदेश महाराष्ट्र में आज से लागू। इस बात का ऐलान पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने शुक्रवार को विधान मंडल के सदन में किया। 

महाराष्ट्र सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए बेहद अहम कदम उठाया है। सरकार ने प्लास्टिक और थर्माकोल के प्रयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दिया है। यह आदेश रविवार से लागू हो जाएगा। इस बात का ऐलान पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने शुक्रवार को विधान मंडल के सदन में किया। आपको बता दें कि सरकार ने मुंबई के गटर-नालों को जाम होने का बड़ा कारा प्लास्टिक और थर्माकोल के उत्पाद हैं। बरसात के मौसम में इसकी वजह से नाले जाम होते हैं और जल भराव की समस्या सामने आती है। इसे देखते हुए सरकार ने इसकी बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। थर्माकोल और प्लास्टिक के इस्तेमाल से मुंबई के गटर-नालो के जाम होने का बड़ा कारण हैं  और बारिश के मौसम में इसकी वजह से जल भराव जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

 

यह भी पढ़े ...भारतीय डाक कार्यालय में 10वी पास के लिए सुनहरा मौका ...

 

आपको बता देखी महाराष्ट्र में 24 जून से अगर किसी ने भी प्लास्टिक की थैलियों का प्रयोग किया तो उस पर 5 हज़ार रूपए तक का जुरमाना लगाया जायेगा। इसके साथ ही सरकार ने प्लास्टिक से बने कैरी बैग, ग्लास, चम्मच, प्लेट, तरल पदार्थ रखने वाले प्लास्टिक, प्लास्टिक पैकिंग मटेरियल पर पाबंदी लगाई गई है । इसके अलावा प्लास्टिक स्ट्रॉ, नॉन वोवन प्रोलीप्रोपेन बैग और पाउच आदि। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के उत्पादन, इस्तेमाल, संग्रह, वितरण, थोक या फुटकर बिक्री, आयात पर संपूर्ण बैन होगा। इसके साथ ही अगर पहली बार पकड़े गए तो 5 हजार, दूसरी बार में 10 हजार और तीसरी बार पकड़े जाने पर 25 हजार रुपये जुर्माना, साथ ही तीन माह की जेल भी होगी।   

इस पर दी छूट : दवाओं की पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक, वन व फलोत्पादन, कृषि, कचरा उठाने, पौधारोपण के लिए इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक थैलियां और प्लास्टिक शीट के इस्तेमाल पर रोक नहीं लगाई गई है।सरकार ने बोतल बंद पानी पर अभी पाबंदी नहीं लगाई है।

 

यह भी पढ़े...पतंजलि में नौकरियां ही नौकरियां , 12वी पास भी कर सकते हैं आवेदन...

 

थैलियां करें वापस : दूध की पैकेजिंग के लिए, खाद्य पदार्थ भंडारण का दर्जा वाली 50 मायक्रॉन से मोटी प्लास्टिक थैली, पुनर्खरीदी पद्धति विकसित करने के लिए इस प्रकार की थैलियों को रीसाइकल करने के लिए पूर्वनिर्धारित कीमत, जो 50 पैसे से कम न हो और जो स्पष्ट रूप से छापी गई होनी चाहिए। खाली थैलियों को जमा करने की व्यवस्था विकसित करने के लिए दूध डेयरी, वितरण व विक्रेता के लिए खाली थैलियां खरीदना बंधनकारक होगा। 

पानी की बोतलों के लिए एक रुपए और दूध की थैलियों के लिए 50 पैसे का पुनर्खरीद मूल्य निर्धारित किया गया है। दूध डेयरी, वितरक और विक्रेताओं के लिए थैलियां वापस खरीदना अनिवार्य होगा। पानी की बोलतों के उत्पादकों, विक्रेताओं और वितरकों को भी पुनर्खरीद की व्यवस्था करनी होगी।

leave a reply

भारत के समाचार

Live: ख़बरें सबसे तेज़

प्रमुख श्रेणी