दिल्ली की अदालत में बोले अकबर, रमानी के ट्वीट में नहीं था मेरा नाम

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नई दिल्ली। #MeToo के आरोपों में फंसे पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में बयान दर्ज करते हुए कहा कि प्रिया के द्वारा जो आर्टिकल लिखा गया था उसमें मेरा नाम नहीं था। इस मामले में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैंने कुछ नहीं किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी।

पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल की अदालत में एमजे अकबर ने अपना पूरा बयान दर्ज कराया। बयान दर्ज करते हुए अकबर ने अपने पत्रकारिता करियर, लेखक होने के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि पत्रकार के तौर पर उनका करियर काफी लंबा रहा है। अकबर ने कहा कि मैं काफी कम उम्र में संडे गार्जियन (कोलकाता) का एडिटर बना। इसके बाद मैंने दैनिक अखबार टेलिग्राफ से करियर की शुरुआत की। 1993 में एशियन एज का एडिटर बना और उसके बाद संडे गार्जियन का एडिटर बना। अबकर ने कहा कि प्रिया रमानी के खिलाफ मैंने मान​हानि का केस किया है। उन्होंने मेरे ऊपर आरोप लगाते हुए कई ट्वीट किये थे।

अकबर ने बताया कि उन्होंने रमानी द्वारा 10 और 13 अक्टूबर को किये गये ट्वीट पर मानहानि का केस किया है। इन ट्वीट्स को कई अखबरों और वेबसाइट ने छापा। दरअसल अकबर ने प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस पटियाला हाउस में दायर किया था। अर्जी में कहा गया कि उनकी छवि को बिगाड़ने के लिए रमानी ने दुर्भावनापूर्ण रूप से झूठी कहानी का सहारा लिया है जो मीडिया में फैल रही है। इससे उनके पारिवारिक और राजनीतिक छवि पर बुरा असर पड़ा है।

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