निदा को कोर्ट से बड़ी राहत, तीन तलाक अवैध घोषित, पति पर चलेगा घेरलू हिंसा का केस

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तीन तलाक, हलाला और बहुविवाह जैसी प्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाती रहीं हैं निदा 


लखनऊ। तीन तलाक, हलाला और बहुविवाह जैसी प्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाने वाली व आला हजरत खानदान की बहू निदा खान को बरेली कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। निदा खान स्वयं तीन तलाक पीड़ित हैं। बरेली की जनपद न्यायालय ने निदा खान की याचिका को स्वीकार करते हुए तीन तलाक को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने उनके पति पर घरेलू हिंसा का मुकदमा चलाने का भी आदेश दिया है। कोर्ट के इस आदेश से निदा को और उनके द्वारा तीन तलाक पीड़ितों के लिए चलाये जा रहे अभियान के लिए यह बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

 

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बता दें निदा खान का विवाह वर्ष 2015 में बरेली के प्रतिष्ठित आला हजरत परिवार के शीरान रजा खां से हुआ था। निदा का आरोप है कि शादी के बाद से उन्हें उनके पति व ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। मांगे पूरी नहीं हुईं तो उनके पति ने तीन तलाक देकर घर से बाहर निकाल दिया। निदा ने तीन तलाक के खिलाफ कोर्ट का सहारा लिया था। इसके बाद से वे तीन तलाक पीड़ितों के पक्ष में लड़ाई लड़ती आ रही थीं। तीन तलाक, हलाला और बहुविवाह जैसी प्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाने वाली निदा खान को अक्सर टीवी चैनलों में होने वाली डिबेट पर देखा जा सकता था, इसके अलावा इन मामलों पर उनके बेबाक बयान अखबारों में जगह पा रहे थे।

 

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इसके चलते वे कुछ मुस्लिम संस्थाओं की आंखों की किरकिरी बन गई थीं। दो दिन पहले 16 जुलाई को बरेली की आला हजरत दरगाह ने फतवा जारी कर उन्हें इस्लाम से हुक्का—पानी बंद कर दिया था। फतवा जारी होने के बाद निदा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया और कहा कि फतवा जारी करने वाले पाकिस्तान चले जाएं। हिन्दुस्तान एक लोकतांत्रिक देश है। यहां दो कानून नहीं चलेंगे। किसी मुस्लिम को इस्लाम से खारिज करने की हैसियत किसी की नहीं है, सिर्फ अल्लाह ही गुनहगार और बेगुनाह का फैसला कर सकता है।

 

निदा के ससुराल वालों का यह था पक्ष 

 

दूसरी ओर निदा के पति शीरान रजा खान का कहना है कि वे उन्हें तलाक दे चुके हैं। शीरान ने इस केस को खारिज करने के लिए अदालत से गुहार लगाई थी। शीरान कहा कि वो निदा को मेहर और इद्दत के दौरान उनके खर्च के लिए जरूरी रकम दे चुके हैं।

 

 

 

 

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