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पेट्रोलपंप मालिकों ने दिल्लीवासियों को घर में किया कैद

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 भारत के समाचार/National News

हड़ताल से बिगड़े हालात, दफ्तर, अस्पताल और बाजार पहुंचने में हुई परेशानी


 

नई दिल्ली। दिल्ली के पेट्रोल पंप मालिकों ने दिल्ली वासियों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है। आज दिल्ली के सभी पेट्रोलपंप हड़ताल पर हैं। लोगों को पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है। जगह—जगह गाड़ियां खड़ी होने लगी हैंं। लोगों को आज दफ्तर, बाजार और अस्पताल पहुंचने में खासी मसक्कत करनी पड़ रही है। या तो लोग पैदल ही निकल रहे हैं या फिर रिक्शा ही एक मात्र सहारा बचा है। इस हड़ताल के समर्थन में आटो, टैक्सी चालकों के आ जाने से स्थिति और भी विकट हो गर्इ् है। 

 

दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि पेट्रोल पंपों की यह हड़ताल भाजपा प्रायोजित है। जिसके कारण इस तरह की स्थितियां उत्पन्न हुई हैं। 

 

दशहरा त्योहार की छुट्टी के बाद दिल्ली वालों के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया है। यहां सभी पेट्रोल पंपों में हड़ताल की घोषण करते हुए 24 घंटे के लिए पेट्रोल पंप बंद कर दी गई है। यही नहीं आॅटो और टैक्सी समेत अन्य वाहनों ने भी हड़ताल का समर्थन कर दिया है। अब लोगों को मेट्रो साइकिल और पैदल का सहारा ही बचा है। वहीं, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस हड़ताल को बीजेपी की एक सोची समझी चाल करार दिया है।  सीएम ने ट्वीट किया है कि 'पेट्रोल पंप मालिकों से बातचीत पर उन्हें पता चला है कि ये हड़ताल बीजेपी प्रायोजित है। इसलिए पेट्रोल कंपनियां इस हड़ताल का  भरपूर  समर्थन कर रही हैं और सारा ठीकरा पेट्रोल पंप मालिकों पर फोड़ा जा रहा है। बीजेपी की इस गंदगी भरी राजनीति का जवाब जनता चुनाव में देगी।

 

 

वैट कम करने की मांग

 

बताते चलें कि इस हड़ताल की पहले ही घोषणा कर दी गई थी। लेकिन इसके बाद भी कोई ठोस वैकल्पिक हल नहीं निकालने की कोशिश की गई। पेट्रोल व डीजल पर वैट कम करने की मांग की जा रही थी। लेकिन सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद पेट्रोल पंप के मालिकों ने हड़ताल की घोषणा कर दी। इतना ही नहीं यहां डीटीसी के कर्मियों ने भी मांगो को लेकर हड़ताल की घोषणा कर दी है। इससे यहां की जनता के लिए कहीं भी आने जाने को लेकर समस्याएं बढ़ गई है। 

 

 

मेट्रो के अधिकारियों ने कहा

 

बता दें कि यहां हड़ताल का असर इतना भारी पड़ रहा है कि वाहन चालकों को सीएनजी तक के लिए समस्या बढ़ सकती है। इसका दबाव मेट्रो पर ही बढ़ना तय है। लेकिन मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि उनको कोई इस तरह की जानकारी नहीं दी गई थी। डीटीसी बसें भी यदि नहीं चलती हैं, तो इसका सीधा असर मेट्रो पर ही पड़ेगा। फिलहाल यदि इस तरह की कोई भी स्थिति सामने आती है, तो मेट्रो तत्काल ठोस कदम उठाएगा।  

 

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